back to top
25.1 C
New Delhi
Monday, March 30, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Kolkata Rape Case: ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप व हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टास्क फोर्स का किया गठन

कोलकाता रेप व हत्या मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार पर सख्त टिप्पणी की और मामले को लेकर नेशनल टास्क फोर्स का गठन किया।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप व हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार और सूबे की कानून व्यवस्था को लेकर सख्त टिप्पणी की। मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टास्क फोर्स का गठन किया है। गौरतलब है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है।

पश्चिम बंगाल की तरफ से कपिल सिब्बल रख रहे पक्ष

इस सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हम इस मामले में अदालत का सहयोग करना चाहते हैं। वहीं वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से मामला रख रहे हैं। 

ये देश भर के डॉक्टरों की सुरक्षा का मामला है- सुप्रीम कोर्ट

इस दौरान CJI डी.वाई. चंद्रचूड़ ने कहा कि ये सिर्फ कोलकाता का मामला नहीं है। ये देशभर में डॉक्टरों की सुरक्षा का मुद्दा है। वहीं CJI चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। वहीं दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर स्वत: संज्ञान मामले में उसे भी पक्षकार बनाने का अनुरोध किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार से पूछे ये तीखे सवाल

मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि सबसे पहले FIR कब दर्ज कब और किसने कराई? इसपर पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से पक्ष रख रहे कपिल सिब्बल ने कहा कि 11.45 PM पर FIR दर्ज की गई । इसके बाद CJI ने पूछा कि अभिभावकों को बॉडी देने के लिए 3 घंटे 30 मिनट के बाद FIR क्यों दर्ज की गई ? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि FIR देर से क्यों दर्ज हुई ? हॉस्पिटल प्रशासन क्या कर रहा था ? जब हत्या हुई तो पीड़िता के माता-पिता वहां मौजूद नहीं थे । ये जिम्मेदारी हॉस्पिटल प्रबंधन की थी कि वो FIR दर्ज कराए।

सुप्रीम कोर्ट ने किया नेशनल टास्क फोर्स का गठन

अस्पतालों की स्थित को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टास्क फोर्स का गठन किया है। CJI ने कहा कि ऐसा लगता है कि इस अपराध का पता सुबह-सुबह ही लग गया था। प्रिंसिपल ने इसे आत्महत्या का मामला बताने की कोशिश की, माता पिता को शव देखने की अनुमति नहीं दी गई। हालांकि कपिल सिब्बल ने इस बात को नकार दिया और कहा कि ये सही नहीं है।

कपिल सिब्बल ने रखा पश्चिम बंगाल सरकार का पक्ष

कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने इस मामले में 50 FIR दर्ज की है। पुलिस के पहुंचने से पहले ही फोटो और वीडियो ले लिए गए थे। जिसपर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा कि यह भयानक है, क्या हम इस तरह से सम्मान देते हैं?

पीड़िता की पहचान उजागर होने पर CJI ने जाहिर की चिंता

सुनवाई के दौरान CJI ने पीड़िता की तस्वीरें और नाम सोशल मीडिया पर प्रसारित होने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ये वारदात सिस्टेमेटिक फेल्योर है। हम इस बात से बहुत चिंतित हैं कि पीड़िता का नाम और फोटो पूरे मीडिया पर प्रकाशित हो रहे हैं।

Advertisementspot_img

Also Read:

फोन छीना, सुनसान जगह ले जाकर… बंगाल में आरजी कर जैसी एक और वारदात, MBBS छात्रा से रेप

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल एक बार फिर शर्मसार हो गया है। दुर्गापुर के एक निजी मेडिकल कॉलेज में MBBS की छात्रा के साथ...
spot_img

Latest Stories

Dry Days: अप्रैल में शराब प्रेमियों के लिए झटका! इन तारीखों पर बंद रहेंगी शराब की दुकानें

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अगर आप अप्रैल 2026 में पार्टी...

तनय नाम का मतलब-Tanay Name Meaning

Tanay Name Meaning -तनय नाम का मतलब: पुत्र /Son Origin...

इस Hanuman Jayanti भगवान को लगाएं ‘बेसन के लड्डुओं’ का भोग, ये रही खास रेसिपी

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) का...

PMKVY क्या है? जानें योग्यता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन की पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। PMKVY एक कौशल प्रशिक्षण योजना है...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵