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Friday, March 27, 2026
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मोदी सरकार का जम्मू कश्मीर के लिए बड़ा फैसला, दिल्ली के LG की तरह J&K के राज्यपाल को दी शक्तियां

J&K: इसके लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर अधिनियम 2019 की धारा 55 के तहत संशोधित नियमों को अधिसूचित कर दिया है।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। केंद्र की मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर को देश की राजधानी दिल्ली की तरह संवैधानिक अधिकार देने का निर्णय ले लिया है। मोदी सरकार के इस निर्णय के बाद अब दिल्ली के एलजी की तरह जम्मू कश्मीर के एलजी को भी प्रशासनिक शक्तियां दी जाएंगी। केंद्र की मोदी सरकार के इस निर्णय के बाद जम्मू कश्मीर की राज्य सरकार अब बिना राज्यपाल(LG) की अनुमति के बिना तबादला नहीं कर पाएगी। इसके लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर अधिनियम 2019 की धारा 55 के तहत संशोधित नियमों को अधिसूचित कर दिया है।

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल को दिल्ली के राज्यपाल की तरह शक्तियां दी

जानकारी के लिए बता दें कि जम्मू कश्मीर का पुनर्गठन के बाद से अभी तक वहां विधानसभा के चुनाव नहीं हुए हैं। लेकिन जम्मू कश्मीर में आगे जब भी विधानसभा के चुनाव होंगे और किसी की भी राज्य सरकार बनेगी, तो चुनी हुई उस राज्य सरकार से अधिक शक्तियां उपराज्यपाल(LG) के पास होगी। केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर के राज्यपाल को दिल्ली के राज्यपाल की तरह शक्तियां दे दी हैं।

संशोधित नियमों में इन बिंदुओं को जोड़ा

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल को दिल्ली के राज्यपाल की तरह शक्तियां देने के लिए केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 की धारा 55 के तहत संशोधित नियमों में इन बिंदुओं को जोड़ा है। 

42ए- किसी भी तरह का प्रस्ताव जिसके लिए अधिनियम, 2019 के तह पुलिस, अखिल भारतीय सेवा, सार्वजनिक व्यवस्था और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के संबंध में वित्त विभाग की पूर्व सहमति लेना जरुरी है, को तब तक स्वीकृत या अस्वीकार नहीं किया जाएगा जब तक कि राज्य के मुख्य सचिव के माध्यम से उपराज्यपाल का समक्ष नहीं रखा जाता है।

42बी- अभियोजन स्वीकृति देने या अस्वीकार करने या अपील दायर करने के संबंध में किसी तरह का भी प्रस्ताव विधि विभाग द्वारा जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव के जरिए उपराज्यपाल(LG) के समक्ष रखे जाएंगे। त

जम्मू कश्मीर के लोग इस तरह के शक्तिहीन सीएम के हकदार नहीं हैं: उमर

वहीं उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार के इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए बड़ा बयान जारी किया है। उनका कहना है कि जम्मू कश्मीर के राज्यपाल को इस तरह की शक्तियां देने के बाद जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री शक्तिहीन और रबर स्टैम्प की तरह हो जायेंगे, उन्हें अपने चपरासी की नियुक्ति के लिए भी राज्यपाल से भीख मांगनी पड़ेगी। जम्मू कश्मीर के लोग इस तरह के शक्तिहीन सीएम के हकदार नहीं हैं। 

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