नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। NEET UG परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में डाली गई 3 याचिकाओं पर आज सुनवाई होगी। इन याचिकाओं में नीट की परीक्षा को रद्द करने, नीट रिजल्ट के आधार पर हो रही काउंसिलिंग पर रोक लगाने आदि मांगें की गई हैं। जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीट इस मामले की सुनवाई करेगी।
क्या है मामला?
5 मई को नीट की परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में लगभग 24 लाख छात्र बैठे। उस समय NTA के द्वारा जारी नोटिफिकेशन में 14 जून 2024 को रिजल्ट घोषित किये जाने की बात कही गई थी। लेकिन एनटीए ने समय से पहले लोकसभा चुनाव परीणाम के दिन यानी 4 जून को ही रिजल्ट घोषित कर दिया। इस रिजल्ट में 67 बच्चों को ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। लेकिन छात्रों को झटका तब लगा जब उन्होंने देखा कि इन 67 बच्चों में से 8 बच्चों का परीक्षा सेंटर एक ही था। जिसके बाद छात्रों ने इसपर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
NTA ने ये जवाब दिया
इस मामले में NTA ने भी जवाब दिया है। NTA का कहना है कि एक गलत सवाल की वजह से इतने बच्चों के फुल मार्क्स मिले हैं। NTA का कहना है कि पूरे नंबर पाने वाले 67 बच्चों में से 44 बच्चों को एक गलत सवाल के लिए अलग से नंबर दिए गए। इसके अलावा 1500 से ज्यादा बच्चों को लॉस ऑफ टाइम की वजह से ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं। क्योंकि इन बच्चों की परीक्षा किसी कारणवस समय से शुरू नहीं हो सकी थी।
फिजिक्सवाला के CEO अलख पांडे ने भी दायर की है याचिका
इन याचिकाओं में से एक याचिका फिजिक्सवाला के सीईओ अलख पांडे ने दायर की है। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि एनटीए के द्वारा ग्रेस मार्क्स देने का फैसला मनमाना है। इसके अलावा दो अन्य लोगों ने भी सुप्रीम कोर्ट में इन मामलों को लेकर याचिका दायर की है। जिसको लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।
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