नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इजरायल और इरान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति की बैठक बुलाई। जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल शामिल हुए। इस बैठक में मध्य पूर्व और पश्चिम एशिया में उभर रहे संकटों पर गहन चर्चा की गई।
भारत ने सभी पक्षों से कूटनीतिक तरीकों से मुद्दे सुलझाने की अपील की
इस दौरान इजरायल पर हुए ईरानी हमले को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में इजरायल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से ईंधन समेत अन्य उत्पादों की आपूर्ति पर पड़ने वाले असर पर भी विचार-विमर्श किया गया। भारत ने सभी पक्षों से कूटनीतिक तरीके से मुद्दों को सुलझाने की अपील की है।
ईरान ने इजरायल पर किया था मिसाइलों से हमला
बता दें कि, पिछले मंगलवार को ईरान ने इजरायल पर 150 से ज्यादा मिसाइलों से हमला बोल दिया। इजरायली सरकार के द्वारा बताया गया है कि इस हमले में सिर्फ 1 व्यक्ति की मौत हुई है। सोशल मीडिया पर इजरायल की धरती पर गिर रही मिसाइलों के वीडियो वायरल हो रहे हैं। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे इजरायल ने आयरन डोम की मदद से ईरानी मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। ईरान ने इजरायल पर ये हमला तब किया था जब अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी थी और कहा था कि अगर ईरान हमला करता है तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
इजरायली सेना के प्रवक्ता ने दी ईरान को चेतावनी
वहीं ईरान के द्वारा हमले के बाद इजरायली सेना के प्रवक्ता डैनियल हागरी ने कहा कि ईरान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इजरायली सेना ईरानी हमले का बचाव और जवाबी कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। समय पर इसका जवाब दिया जाएगा।
ईरानी राजदूत ने दी इजरायल को चेतावनी
वहीं इसे लेकर अब भारत में ईरान के राजदूत इराज इलाही ने कहा है कि अगर इजरायल, ईरानी हितों पर हमला करने से बाज नहीं आया तो उसपर फिर हमला किया जाएगा। ईरान अपने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर मजाक नहीं करता।
भारत इजरायल को रुकने के लिए मना सकता है- ईरान
इस दौरान ईरानी राजदूत ने भारत से भी एक महत्वपूर्ण मांग की। उन्होंने कहा कि भारत मिडिल ईस्ट का एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है। इजरायल के साथ भारत के अच्छे ताल्लुकात हैं। जैसा की पीएम मोदी कहते हैं कि यह युग युद्ध का नहीं है। इसे ईरान भी मानता है, लेकिन एक देश अगर दूसरे देश की संप्रभुता का उल्लंघन करता है तो वह देश क्या कर सकता है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि भारत इजरायल को अपने क्षेत्र में क्रूरता करने से रोकने के लिए मना सकता है।




