नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा 16 दिसंबर को Paletine लिखा बैग लेकर संसद पहुंचीं। इस बैग में शांति का प्रतीक सफेद कबूतर भी बना हुआ था। वहीं, इजराइली हमले के खिलाफ फिलिस्तीन के प्रति समर्थन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा तरबूज का सिंबल भी इस इस बैग पर बना था। प्रियंका ने इजराइली हमले के खिलाफ फिलिस्तीन के समर्थन का संदेश दिया है, हालांकि, उनका ये कदम सोशल मीडिया की जनता के गले नहीं उतर रहा है।
दो हिस्सों में बंटा सोशल मीडिया
प्रियंका गांधी के फिलिस्तीन समर्थन की सोशल मीडिया पर आलोचना हो रही है। ट्विटर पर कई लोगों ने लिखा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार पर प्रियंका कुछ नहीं कह रही हैं, लेकिन फिलिस्तीन के लिए आवाज़ उठा रही हैं। हालांकि, कई लोगों ने प्रियंका के इस कदम की तारीफ की है और उन्हें True Leader बताते हुए लिखा है कि देश को उनके जैसे नेताओं की जरूरत है जो बिना डरे हिंसा के खिलाफ आवाज़ उठाते हैं।
‘फिलिस्तीन में इजराइल का एक्शन अमानवीय और बर्बर’
इससे पहले प्रियंका गांधी ने कहा था कि हमास और इजराइल के युद्ध में फिलिस्तीन की जनता पिस रही है। प्रियंका गांधी ने फिलिस्तीन पर इजराइल के हमले को अमानवीय और बर्बर बताया था। प्रियंका ने कहा था कि वो हर उस मां के प्रति संवेदना व्यक्त करती हैं जिसने हमास और इजराइल के युद्ध में अपना बच्चा खोया है। उन्होंने इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समूहों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए थे।
प्रियंका गांधी ने वायनाड में चुनाव प्रचार के दौरान भी फिलिस्तीन पर इजराइली हमले का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि 7000 लोगों की हत्या के बाद भी हिंसा नहीं रुकी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि फिलिस्तीन में मारे गए 7000 लोगों में से 3000 मासूम बच्चे थे।




