नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा करने वाली बाहरी राज्यों की महिलाओं को अब यह सुविधा नहीं मिल पाएगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को घोषणा की कि अब दिल्ली की महिलाओं को ही इस योजना का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि अब ‘पिंक टिकट’ की जगह ‘पिंक पास’ जारी किए जाएंगे, जो विशेष रूप से दिल्ली में रहने वाली महिलाओं को प्रदान किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि यह निर्णय राजधानी की महिलाओं को प्राथमिकता देने और सुविधा के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।
2019 में हुई थी फ्री बस यात्रा योजना की शुरुआत
दिल्ली में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना की शुरुआत अक्टूबर 2019 में आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में की गई थी। इस योजना के तहत महिलाएं डीटीसी और क्लस्टर बसों में बिना किराया दिए सफर कर सकती हैं। यात्रा के दौरान उन्हें बस कंडक्टर से ‘पिंक टिकट’ लेना अनिवार्य किया गया था, जो इस सुविधा का प्रमाण होता था। हालांकि अब नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह सुविधा केवल दिल्ली की महिलाओं तक सीमित कर दी जाएगी। यानी दिल्ली के बाहर की महिलाओं को अब डीटीसी बसों में सफर के लिए किराया देना होगा।
नंदनगरी डिपो में ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि दिल्ली परिवहन निगम (DTC) को 65,000 करोड़ रुपये के घाटे से बाहर निकालने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि बस रूटों को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के लिए आईआईटी की सहायता ली जा रही है।
कैसे मिलेगा पिंक पास?
हाल ही में दिल्ली के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी थी कि राजधानी की महिलाओं को बसों में मुफ्त यात्रा के लिए एक ‘सहेली स्मार्ट कार्ड’ दिया जाएगा। यह कार्ड पूरी तरह से डिजिटल होगा और इसमें कार्डधारक का नाम और फोटो रहेगा। यह स्मार्ट कार्ड नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) प्रणाली के तहत जारी किया जाएगा। यह वही प्रणाली है जो पहले से दिल्ली मेट्रो और नोएडा मेट्रो में उपयोग में है। इस कार्ड के लिए आवेदन करते समय महिलाओं को आधार कार्ड, पैन कार्ड, दिल्ली में निवास प्रमाण, पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक द्वारा आवश्यक KYC दस्तावेज जमा करने होंगे।
वहीं, अब इस मुद्दे पर सियासत भी गरमा गई है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार जनता को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं को धीरे-धीरे समाप्त कर रही है। दूसरी तरफ, भाजपा का आरोप है कि आप सरकार के समय बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ, जिससे डीटीसी जैसी संस्थाओं को भारी नुकसान उठाना पड़ा।




