नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । अमेरिका में भारतीय मूल के AI रिसर्चर सुचिर बालाजी की संदिग्ध हालात में मौत हो जाने का मामला कापी गरमाया हुआ है। वहीं उनकी मां पूर्णिमा राव ने अपने बेटे की मौत को लेकर विदेश मंत्रायल से हस्त क्षेप करने की मांग की है, उन्होने ने कहा है कि, पुलिस ने बेटे की मौत को सुसाइड बताया है लेकिन उनके बेटे की मौत संदिग्ध है। और इस केस की जांच के लिए उन्होंने निजी इन्वेस्टिगेटर को इस मामले की जांच की जिम्मेदारी सौपी है। बता दें कि, 26 साल के सुचिर बालीजी का शव 26 नवंबर को अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को के उनके अपार्टमेंट से बरामद किया गया था। वहीं पुलिस ने इस केस को आत्महत्या बताया है, जबकि सुचिर की मां का कहना है कि उनके बेटे की मौत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सुचिर बालाजी की मां पूर्णिमा राव ने एक मीडिया चैनल से बातचीत में बताया कि, पुलिस ने सुचिर की मौत को सुसाइड बताया है लेकिन उनके बेटे की मौत संदिग्ध है,इसमें हमें पुलिस पर शक है। इसलिए इस केस की गहनता से जांच के लिए उन्होंने निजी इन्वेस्टिगेटर से जांच कराने पर जोर दिया है। और वे इस मामले की जांच कर रहा है।
हमें सुसाइड पॉइंट से कोई नोट नहीं मिला
सुचिर बालाजी की मां पूर्णिमा ने आगे कहा कि, उनके बेटे के अपार्टमेंट में सारा सामान तितर-बितर हुआ था और बाथरूम में हाथापाई के होने की निशाने भी मिले है। बाथरूम में खून के धब्बे थे, जब हमने Chat GPT का उपयोग कर पता लगाने की कोशिश की तो पता चला कि ऐसा सुसाइड के केस में तो बिल्कुल भी नहीं होता है। हमें उस जगह से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। इस वजह से हमने बेटे की मौत का पता लगाने के लिए प्राइवेट इन्वेस्टिगेटर को हायर करने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि अटॉर्नी से हमें पता चला है कि, 26 नवंबर को अपार्टमेंट में किसी की भी एंट्री नहीं हुई थी, और न ही एग्जिट की। सभी CCTV कैमरों की जांच पड़ताल कर ली गई हैं। इसके बाद इस मामले को सुसाइड करार दिया गया। लेकिन हमने पुलिस को बताया कि, अपार्टमेंट में एंट्री के तीन गेट हैं। इनमें से एक एंट्री गैराज से होती है और एक बैकडॉर से जहां सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा हुआ है। लेकिन पुलिस ने हमारी एक भी बात नहीं सुनी।
सैन फ्रांसिस्को की टेक इंडस्ट्री बहुत पावरफुल
उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति आत्महत्या करता है तो उसके कई पहलू को ध्यान में रखा जाता है। लेकिन इसमें सबसे अहम फैक्टर्स ये है कि, क्या वह शख्स मानसिक बीमारी का शिकार हुआ था या डिप्रेशन में था। लेकिन पुलिस ने हमसे इस बारे में कुछ भी नहीं पूछा। सुचिर की मां ने इस मामले में विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है और बताया है कि, सैन फ्रांसिस्को की टेक इंडस्ट्री बहुत पावरफुल है। यहां बहुत करप्शन है।
सुचिर बालाजी ने OpenAI पर लगाए थे आरोप
सुचिर बालाजी ने OpenAI पर कॉपीराइट उलल्ंघन और बिजनेस मॉडल को डिस्टैबेलाइज करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने अंग्रेजी मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में कंपनी के इंटरनेट इकोसिस्टम पर नकारात्मक प्रभाव की बात कही थी। उन्होंने लोगों को OpenAI का इस्तेमान ना करने की सलाह दी थी।
वहीं साल 2022 में ChatGPT के लॉन्च होने के बाद से ही OpenAI पर कई तरह के आरोप लगाए थे। कंपनी के AI मॉडल लॉन्च होने के बाद कंपीन पर कॉपीराइट को लेकर कई मामले दर्ज किए गए हैं। इन आरोपों में कहा गया था, कंपनी ने अपने AI को ट्रेनिंग देने के लिए दूसरों के कॉपीराइट कंटेंट का इस्तेमाल किया है।
ChatGPT मेकर्स पर कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप
सुचिर अमेरिका की बर्कले यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएट थे। उन्होंने OpenAI और Scale AI में काम किया है। उन्होंने साल 2022 में जीपीटी-4 प्रोजेक्ट के दौरान कॉपीराइट उल्लंघन का पता लगाया था। ऐसे में OpenAI जैसे AI संगठनों पर गंभीर आरोप और इस दौरान रिसर्चर सुचिर बालाजी की मौत ने AI रिसर्च और एथिक्स पर गंभीर सवाल उठाए हैं। गौरतलब है कि, बालाजी OpenAI में बतौर रिसर्च काम करते थे। उन्होंने इस साल की शुरुआत में कंपनी छोड़ दी थी। कंपनी छोड़ने के बाद वो ChatGPT मेकर पर कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाया था।





