back to top
25.1 C
New Delhi
Wednesday, March 25, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

मनोज जरांगे की चेतावनी से बढ़ा तनाव, बोले – नहीं सुनी मांग तो 5 करोड़ मराठा उतरेंगे सड़कों पर, कोर्ट ने लताड़ा

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे मुंबई के आजाद मैदान में अनशन पर डटे हैं जहां उन्होनें अब पानी पीना भी छोड़ दिया और सरकार को चेतावनी तक दे दी है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने सोमवार को सरकार को खुली चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि मराठा समुदाय को ओबीसी कोटे में आरक्षण देने की मांग नहीं मानी गई, तो पांच करोड़ से अधिक मराठा समाज के लोग मुंबई कूच करेंगे। जरांगे का यह बयान सरकार और प्रशासन के लिए नई चुनौती बनकर उभरा है।

आंदोलन स्थल पर लिया जल त्याग का संकल्प

मुंबई के आजाद मैदान में जरांगे का अनशन सोमवार को चौथे दिन पहुंचा। इसी दौरान उन्होंने अब पानी भी नहीं पीने का संकल्प लिया। उनका कहना है कि जब तक आरक्षण पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सरकार चाहे तो हम पर गोलियां चला दे, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे।

हाई कोर्ट ने जताई नाराजगी, कहा – प्रदर्शन में नहीं दिख रही शांति

बॉम्बे हाई कोर्ट में सोमवार को इस मामले की सुनवाई हुई जिसमें कोर्ट ने प्रदर्शन को अशांतिपूर्ण बताते हुए कहा कि,इसमें स्पष्ट रूप से शर्तों का उल्लंघन किया गया है।अदालत ने राज्य सरकार से सवाल किया कि,सड़कें अब तक खाली क्यों नहीं कराई गईं और आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए क्या योजना बनाई गई है।कोर्ट ने निर्देश दिया कि 2 सितंबर (मंगलवार) तक मुंबई की सभी प्रमुख सड़कें प्रदर्शनकारियों से मुक्त कराई जाएं।

सरकार ने दी कानूनी राय लेने की जानकारी, मगर मनोज जरांगे अड़े

महाराष्ट्र सरकार ने रविवार को मराठा समुदाय को कुनबी जाति (जो ओबीसी में शामिल है) का दर्जा देने के लिए हैदराबाद गजेटियर के दस्तावेज़ों पर कानूनी राय लेने की बात कही थी।हालांकि, मनोज जरांगे ने इसे अस्वीकार करते हुए कहा कि,अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सरकारी आदेश (GR) चाहिए। 

उनका कहना है कि रिकॉर्ड्स में जो स्पष्ट है, उसी के आधार पर मराठा समाज को ओबीसी कोटे में 10% आरक्षण मिलना चाहिए। जब तक यह निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

प्रशासन सतर्क, कानून व्यवस्था पर चिंता

जरांगे के बयान के बाद मुंबई पुलिस और राज्य प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं।अगर आंदोलन में भीड़ बढ़ती है, तो ट्रैफिक जाम, अफरा-तफरी और कानून व्यवस्था की समस्या खड़ी हो सकती है। यह मामला अब सिर्फ आरक्षण का नहीं, सरकार की नीतिगत प्रतिबद्धता और प्रशासनिक क्षमता की भी परीक्षा बन गया है। मराठा आरक्षण का यह आंदोलन सिर्फ एक मांग नहीं, सामाजिक न्याय की गूंज है। अब देखना यह है कि सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है संवाद का रास्ता या सख्ती का फैसला?

Advertisementspot_img

Also Read:

अजित पवार प्लेन क्रैश के बाद गरमाई महाराष्ट्र की राजनीति, FIR की मांग को लेकर बारामती थाने पहुंचे रोहित पवार

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar के प्लेन क्रैश में निधन के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। इस हादसे...
spot_img

Latest Stories

Ranveer Singh की Dhurandhar 2 की आंधी का जलवा बरकरार, छठवें दिन भी किया बढ़िया कलेक्शन

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। रणवीर सिंह Ranveer Singh की...

Stock Market Today: शेयर बाजार में आज जबरदस्त रिकवरी, Sensex 873 अंक उछला; Nifty 23,200 के पार

नई दिल्ली, रफतार डेस्क। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार,...

7 महीने से फरार AAP विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा गिरफ्तार, रेप और धोखाधड़ी का आरोप

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पंजाब में बड़ी कार्रवाई करते हुए...

Who is Aryaman Birla: RCB के नए चेयरमैन बने आर्यमन बिड़ला, जानिए क्रिकेट से बिजनेस तक का सफर

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। आईपीएल 2026 शुरू होने से पहले...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵