back to top
23.1 C
New Delhi
Sunday, March 15, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Manipur: 1500 औरतों ने सैनिकों को घेरा, 11 उग्रवादियों को छुड़ाकर ले गईं

इस घटना के दृश्यों में महिलाओं को सैनिकों को साफ तौर पर धक्का देते हुए देखा जा सकता है। प्रदर्शनकारियों से घिरे जवानों से उन्हें तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग का सहारा लिया।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में सेना के एक दल को गश्त के दौरान पुलिस की वर्दी पहने 11 हथियारबंद लोग मिले। पुलिस के अनुसार, सेना ने इन पुरुषों को हिरासत में लिया और उनके हथियार जब्त कर लिए, जिसके बाद महिला प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने उन्हें घेर लिया। मीरा पाइबिस की महिला प्रदर्शनकारियों ने सेना से पुरुषों को रिहा करने और हथियार वापस करने की मांग की। इसके बाद महिलाएं उन्हें छुड़ाकर ले भी गईं।

हिरासत में लिए लोगों के लिए उठी आवाज

हिरासत में लिए लोगों के लिए प्रदर्शनकारी खुद को “ग्राम रक्षा स्वयंसेवक” बता रहे थे। उनका कहना था कि उनके इलाके में जातिगत तनाव जारी है। ऐसे में उनका हथियार छोड़ना उनके गांव को खतरे में डाल सकता है। घटना के जो वीडियो सामने आए हैं उनमें दिख रहा है कि महिलाएं सेना के जवानों को धक्का दे रही हैं। उन्हें तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग का सहारा लिया गया। हालांकि इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिला।

मणिपुर पुलिस ने किया मामले में हस्तक्षेप

वायरल हुए वीडियों में एक बुजुर्ग महिला को दूसरों से कहते हुए सुना जा सकता है कि कहीं मत जाओ, यहीं खड़े रहो। एक अन्य ने बंदूके ले लेने का सुझाव दिया। हालांकि मौके पर जल्द ही मणिपुर पुलिस की एक टीम पहुंची और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की, जिसके बाद सेना और पुलिस की टीम जब्त किए गए हथियारों को लेकर इलाके से बाहर चली गई।

हथियार लेकर खुद को बताते हैं “ग्राम रक्षा स्वयंसेवक”

गृह मंत्रालय के अनुसार, असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल जैसे केंद्रीय बल मणिपुर में संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा कर रहे हैं जहां मैतेई और कुकी बस्तियां हैं। लेकिन दोनों समुदायों में सैकड़ों सशस्त्र लोग भी हैं जो खुद को “ग्राम रक्षा स्वयंसेवक” कहते हैं। किसी भी समुदाय के लोगों के पास हथियार का होना किसी के लिए भी रक्षा की जगह उसकी सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकता है। ऐसे हालात में किसी के पास हथियार होना काफी नुकसानदेह है।

कुकी समूह ने नहीं की पुलिस स्टेशन में बंदूक जमा

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले, मणिपुर से अलग एक अलग प्रशासन की मांग का नेतृत्व कर रहे कुकी समूह ने जातीय तनाव के बीच सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए अपनी जनजातियों के सदस्यों से अपनी लाइसेंसी बंदूकें सुरक्षित रखने के लिए पुलिस स्टेशनों में न देने के लिए कहा था।

अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

Advertisementspot_img

Also Read:

मणिपुर के उखरुल में फिर बिगड़े हालात, जनजातीय संघर्ष के बाद जले मकान, प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मणिपुर के उखरुल जिले में एक बार फिर हालात बेकाबू होते नजर आए, जब सोमवार दोपहर लिटान सारेइखोंग गांव में हथियारबंद...
spot_img

Latest Stories

LPG, CNG और PNG में क्या होता है अंतर? जानिए रसोई से गाड़ियों तक इन गैसों का काम

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव, खासकर Iran...

Solo घूमने के लिए भारत की ये बेस्ट जगहें, जहां मिलेगा सुकून

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज के समय में ज्यादातर...

Alia Bhatt Birthday: 19 की उम्र में एक्ट्रेस ने किया डेब्यू, बड़ा अनोखा रहा अब तक का फिल्मी सफर

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आलिया भट्ट सिनेमा की चर्चित...

Vastu Tips: पापमोचनी एकादशी के दिन करें ये वास्तु उपाय, घर में सुख समृद्धि की होगी वृद्धि

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। पापमोचनी एकादशी के दिन आपको...