नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अंतरिक्ष क्षेत्र की दिग्गज कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX), जिसे एलन मस्क ने स्थापित किया है, अगले साल 2026 में अपना आईपीओ लाने की योजना बना रही है। कंपनी ने हाल ही में इनसाइडर शेयर सेल को मंजूरी दी है, जिससे इसके अगले साल तक आईपीओ की संभावना बढ़ गई है। इस कदम के बाद कंपनी का मूल्यांकन बढ़कर 800 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। स्पेसएक्स के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) ब्रेट जॉनसन ने शेयरहोल्डर्स को भेजे गए मेमो में इसकी जानकारी दी और बताया कि यदि मार्केट अनुकूल रहा, तो सार्वजनिक ऑफरिंग से कंपनी बड़ी पूंजी जुटा सकती है।
ब्रेट जॉनसन का मेमो और सेकेंडरी ऑफरिंग का महत्व
CFO ब्रेट जॉनसन ने शेयरहोल्डर्स को भेजे पत्र में कहा कि कंपनी अपने लेटेस्ट सेकेंडरी ऑफरिंग में इनसाइडर्स को 421 डॉलर प्रति शेयर के हिसाब से शेयर दे रही है। इस सेकेंडरी ऑफरिंग के जरिए कंपनी कर्मचारियों और शुरुआती निवेशकों को अपने हिस्से का शेयर बेचने का मौका देती है। NYT के अनुसार, इस ऑफरिंग से स्पेसएक्स को 2.56 बिलियन डॉलर जुटाने की योजना है। सेकेंडरी ऑफरिंग का उद्देश्य आईपीओ से पहले कंपनी को तैयार करना और Starship व Starlink प्रोजेक्ट्स की फंडिंग के लिए पूंजी जुटाना है।
भारतीय निवेशकों के लिए अवसर
भारतीय निवासी RBI की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस (LRS) स्कीम के तहत इस अमेरिकी आईपीओ में निवेश कर सकते हैं। LRS के तहत हर साल 250,000 डॉलर तक विदेश में निवेश की अनुमति है। भारतीय निवेशकों को इसके लिए सबसे पहले US ट्रेडिंग ऑफर करने वाले ब्रोकर के साथ अकाउंट खोलना होगा और KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके लिए PAN और पासपोर्ट जैसे दस्तावेजों की जरूरत होगी। उसके बाद बैंक से US डॉलर ट्रांसफर करके IPO में आवेदन किया जा सकता है। हालांकि, शेयर अलॉटमेंट की कोई गारंटी नहीं है।
स्पेसएक्स का भविष्य और वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षण
यदि स्पेसएक्स का आईपीओ सफल रहा, तो कंपनी का मूल्यांकन 1 ट्रिलियन डॉलर को पार कर सकता है। IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल अंतरिक्ष परियोजनाओं और Starlink इंटरनेट नेटवर्क के विस्तार में होगा। भारतीय निवेशकों के लिए यह ऐतिहासिक अवसर है, जिससे वे वैश्विक अंतरिक्ष तकनीक में सीधे निवेश कर सकेंगे और स्पेसएक्स के विकास में हिस्सेदारी प्राप्त कर सकते हैं।
स्पेसएक्स का 2026 IPO न केवल निवेशकों के लिए बल्कि वैश्विक तकनीकी और अंतरिक्ष उद्योग के लिए भी महत्वपूर्ण मोड़ साबित होने वाला है।





