नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। भारत में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अब आरटीओ के चक्कर काटने की जरुरत नहीं पड़ेगी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 1 जून 2024 से ड्राइविंग लाइसेंस लेने के लिए नए नियमों की घोषणा कर दी है। अब आरटीओ के बजाय लोग निजी ड्राइविंग स्कूलों में अपना ड्राइविंग टेस्ट दे सकते हैं।
ड्राइविंग टेस्ट के लिए बार बार आरटीओ के चक्कर काटने से छुटकारा मिल जायेगा
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा इन निजी ड्राइविंग स्कूलों को लोगों को लाइसेंस के लिए जरुरी परीक्षण देने और प्रमाण पत्र जारी करने की अनुमति दी जाएगी। जिससे लोगो को ड्राइविंग टेस्ट के लिए बार बार आरटीओ के चक्कर काटने से छुटकारा मिल जायेगा। जानकारी के अनुसार ड्राइविंग स्कूलों के पास कम से कम एक एकड़ जमीन होनी चाहिए। अगर ड्राइविंग स्कूल चार पहिया वाहनों को प्रशिक्षण देना चाहते हैं तो उनके पास दो एकड़ जमीन होनी चाहिए।
प्रशिक्षकों के लिए नियम
साथ ही सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी निर्देश के अनुसार उचित परिक्षण सुविधा होना भी जरुरी है। ड्राइविंग की ट्रेनिंग देने वाले प्रशिक्षकों के पास हाई स्कूल डिप्लोमा के साथ साथ 5 साल का ड्राइविंग अनुभव होना जरुरी है। इसके अलावा उन्हें बायोमेट्रिक्स और आईटी सिस्टम का ज्ञान होने भी जरुरी है।
नाबालिग गाड़ी चलाते हुए पकड़ा गया तो उसपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी
इसके साथ ही सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार का नए नियमों को लाने का उद्देश्य कम से कम 900,000 पुराने सरकारी वाहनों को खत्म करना और सख्त कार उत्सर्जन मानकों को लागू करते हुए प्रदूषण में भारी कटौती करना है। नए नियमों के अनुसार यदि वैध ड्राइविंग लाइसेंस धारक तेज गति से वाहन चलाता हुआ पकड़ा गया तो उसपर 1000 रुपये से 2000 रुपये तक जुर्माना लग सकता है। वहीं अगर कोई नाबालिग गाड़ी चलाते हुए पकड़ा गया तो उसपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उसपर 25000 रुपये का जुर्माना तो लगेगा ही साथ में वह 25 साल तक की उम्र तक अपना लाइसेंस भी नहीं बनवा पायेगा। इसके अलावा वाहन मालिक की गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जायेगा।
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