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Friday, March 20, 2026
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Delhi: PM मोदी ने तेजस फाइटर जेट से भरी उड़ान; वायु सेना, DRDO-HAL के साथ समस्त भारतवासियों को दी शुभकामनाएं

New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज तेजस फाइटर जेट में उड़ान भरी है। वह कर्नाटक पहुंचे थे, जहां बेंगलुरु एयरबेस से उन्होंने तेजस से उड़ान भरी।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज तेजस फाइटर जेट में उड़ान भरी है। वह कर्नाटक पहुंचे थे, जहां बेंगलुरु एयरबेस से उन्होंने तेजस से उड़ान भरी। इसके साथ ही उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ के तहत मल्टी-रोल फाइटर जेट को मंजूरी दी है। भारत आत्मनिर्भर बनने की राह पर है, जहां मेक इन इंडिया एक बड़ी पहल साबित हो रही है।

‘मेक इन इंडिया’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहद दिलचस्प अंदाज में आज तेजस फाइटर जेट में उड़ान भरी है. उन्होंने कर्नाटक के बेंगलुरु से तेजस में उड़ान भरी। ‘मेक इन इंडिया’ पर प्रधानमंत्री का बड़ा जोर है। इसके साथ ही आज पीएम मोदी ने बेंगलुरु में ‘मेक इन इंडिया’ के तहत मल्टी-रोल फाइटर जेट को मंजूरी दी है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए केंद्र ने कई पहलें शुरू की हैं।

पीएम मोदी ने कहा, ”मैं आज तेजस में उड़ान भरते हुए अत्यंत गर्व के साथ कह सकता हूं कि हमारी मेहनत और लगन के कारण हम आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में विश्व में किसी से कम नहीं हैं। भारतीय वायुसेना, DRDO और HAL के साथ ही समस्त भारतवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।”

आत्म-निर्भर भारत

कहा जाता है कि मेक इन इंडिया ने भारत की इस पहल को बड़ा पुश दिया है। भारत अपनी रक्षा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता था, लेकिन अब कोशिश है कि स्थानीय स्तर पर ही हथियारों का निर्माण हो, ताकि अन्य देशों पर निर्भरता कम हो सके।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने देश की रक्षा तैयारियों को बढ़ाने और स्वदेशीकरण के लिए बड़े कदम उठाए हैं, जिनमें तेजस विमान भी शामिल है। विमान का पहला संस्करण 2016 में वायु सेना में शामिल किया गया था। वर्तमान में, वायु सेना के दो स्क्वाड्रन, 45 स्क्वाड्रन और 18 स्क्वाड्रन और एलसीए तेजस पूरी तरह से परिचालन में हैं।

भारतीय कंपनी को हजारों करोड़ का मिला ऑर्डर

पीएम मोदी की अगुवाई में भारत सरकार ने 83 एलसीए एमके 1ए विमानों की डिलीवरी के लिए 36,468 करोड़ रुपए के ऑर्डर एचएएल को दिए हैं, जिसकी डिलीवरी फरवरी 2024 से शुरू होने की उम्मीद है। एलसीए तेजस के अपडेटेड वर्जन और एलसीए एमके 2 के विकास के लिए 9000 करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी दी गई है। विमान इंजन सहित स्वदेशीकरण को और बढ़ावा देने के लिए, जून 2023 में प्रधानमंत्री की अमेरिका यात्रा के दौरान भारत में जेट इंजन के निर्माण के लिए टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर GE एयरोस्पेस के साथ बातचीत भी की गई है।

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