नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। असम विधानसभा चुनाव 2026 के तहत असम में 9 अप्रैल को 126 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में वोटिंग होगी। चुनाव से पहले उम्मीदवारों के हलफनामे सामने आने के बाद नेताओं की संपत्ति चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गई है। इस चुनाव में मुख्य रूप से Himanta Biswa Sarma, Gaurav Gogoi और Akhil Gogoi के बीच मुकाबला माना जा रहा है। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही एक-दूसरे पर आय से अधिक संपत्ति के आरोप लगा रहे हैं, जिससे चुनावी माहौल और गर्म हो गया है।
हिमंत बिस्व सरमा: 5 साल में दोगुनी हुई संपत्ति
Himanta Biswa Sarma ने जलुकबारी सीट से नामांकन दाखिल किया है। उनके हलफनामे के मुताबिक, 2021 में उनकी कुल संपत्ति 17.27 करोड़ रुपये थी, जो 2026 में बढ़कर करीब 35.16 करोड़ रुपये हो गई है। उनकी चल संपत्ति बढ़कर 2.36 करोड़ रुपये पहुंच गई है। उनके पास करीब 68 लाख रुपये बैंक में जमा हैं, जबकि 2.28 लाख रुपये नकद हैं। सोने के रूप में उनके पास 180 ग्राम गोल्ड है, जिसकी कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई गई है। उन पर करीब 95 लाख रुपये का कर्ज है। वहीं उनकी पत्नी रिनिकी भुयान सरमा, Pride East Entertainment की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, जिनकी संपत्ति बढ़कर 32.79 करोड़ रुपये हो गई है।
अखिल गोगोई: बेहद कम संपत्ति वाले उम्मीदवार
Akhil Gogoi ने सिबसागर सीट से नामांकन दाखिल किया है। उनके हलफनामे के अनुसार उनकी कुल संपत्ति करीब 1.75 लाख रुपये है। उनके पास लगभग 1.30 लाख रुपये नकद हैं, जबकि बैंक में करीब 35 हजार रुपये जमा हैं। उनके नाम कोई अचल संपत्ति नहीं है। उनकी पत्नी पर लगभग 50 हजार रुपये का कर्ज भी है। कम संपत्ति के कारण वे अन्य बड़े नेताओं से काफी अलग नजर आते हैं।
गौरव गोगोई: सीमित आय, पत्नी के नाम संपत्ति
Gaurav Gogoi की 2024-25 में कुल आय करीब 12.27 लाख रुपये बताई गई है। पत्नी गीताश्री तामुली की चल संपत्ति: 28.98 लाख रुपये अचल संपत्ति: करीब 78 लाख रुपये उनकी पत्नी पेशे से प्रोफेसर हैं। उन पर 4.54 लाख रुपये का बैंक लोन भी है। गौरव गोगोई के खिलाफ कुछ आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामों में उम्मीदवारों को अपनी संपत्ति, आय और कर्ज की पूरी जानकारी देनी होती है। इससे मतदाताओं को यह समझने में मदद मिलती है कि उनका नेता आर्थिक रूप से कितना मजबूत या साधारण है। असम विधानसभा चुनाव में इस बार सिर्फ मुद्दों की नहीं, बल्कि नेताओं की संपत्ति की भी जोरदार चर्चा हो रही है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है।




