अगर हर महीने बदल रही है पीरियड की डेट तो घबराने की जरूरत नहीं, इन टिप्स को करें फॉलो

अगर हर महीने पीरियड आने में लेट हो रहा है तो इसके कुछ सीरियस कारण भी हो सकते हैं। ऐसे वक्त में रहते आप घर में ही इस समस्या को ठीक कर सकते हैं।
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नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क: आमतौर पर मासिक धर्म चक्र यानी पीरियड साइकल महिलाओं में 28 से 35 दोनों का होता है।  कई बार इसमें दो से तीन दिनों की देरी भी हो जाती है। हालांकि ज्यादातर महिलाओं की शिकायत होती है कि उनकी पीरियड डेट हर महीने में बदल जाती है। अगर यानी अगर उन्हें 1 महीने में 25 तारीख को पीरियड शुरू हुए हैं तो दूसरे माह में 25 तारीख ना होकर वह 1 या 5 से शुरू हो जाते हैं। वहीं तीसरे महीने में यह तारीख तुरंत बदल जाती है। ऐसे में उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही हेल्थ से जुड़ी समस्या सताने लगती हैं। अगर आपके साथ है भी कुछ ऐसा हो रहा है तो आपको घबराने की बिलकुल जरुरत नहीं है आप कुछ तरीकों से इसे ठीक कर सकते हैं।

पीरियड की तारीख में इन वजह से होता है बदलाव

मोटापा : अगर आपका वजन कुछ ज्यादा बढ़ गया है तो आपकी मासिक तिथि साइकिल डिस्टर्ब हो सकती है  फैट बढ़ने या हार्मोन  के बैलेंस से बिगड़ने पर आपकी पीरियड तारीख में  बदलाव आना स्वाभाविक है  वहीं अगर आपकी डाइटिंग ठीक नहीं है तो फिर भी यह बदलाव हो सकते हैं।

अधिक तनाव : जब आप स्ट्रेस लेते हैं तो नर्वस  सिस्टम में तनाव को बैलेंस करने वाले हार्मोन से बढ़ जाते हैं। जिनकी वजह से रिप्रोडक्टिव हारमोंस डिस्टर्ब हो जाते हैं। इसलिए  लगातार तनाव लेते रहने से आपके  पीरियड में बदलाव नजर आते  हैं।

गंभीर बीमारी : अचानक से हुए बुखार सर्दी खांसी या किसी लंबी पुरानी  बीमारी की वजह से पीरियड में देरी हो सकती है।

दिनचर्या में बदलाव : पीरियड में बदलाव का एक कारण दिनचर्या में बदलाव भी होना है।जैसे  शेड्यूल बदलना, नाइट शिफ्ट में काम करना, शहर से बाहर आना जाना, लगातार काम करते रहना, इसके अलावा गलत खान-पान के वजह से भी पीरियड में बदलाव आते हैं।

पीरियड में आए हुए बदलाव को इन तरीकों से करें ठीक

अदरक

अगर पीरियड की तारीख में  लगातार बदलाव आ रहे हैं उसकी डेट हर महीने  बदल रही है तो आप अदरक का सहारा ले सकते हैं।  रोजाना अदरक का सेवन आपके मासिक धर्म को नियमित करने में सहायक हो सकता है। इसके लिए आपको एक कप पानी में 1 इंच अदरक डालें और अच्छी तरह से उबलने  के लिए छोड़ दें।  आप इसमें थोड़ा स्वाद के लिए  नमक के साथ काली मिर्च डाल सकते है।  इस मिश्रण को 1 महीने में रोज दिन में तीन बार पिए आपके पीरियड नॉर्मल हो जायेंगे।

सौंफ

वैसे से पाचन तंत्र के लिए सैफ काफी फायदेमंद मानी जाती है। क्योंकि सौंफ में में एंटीस्पासस्पिडेमिक के तत्व पाए जाते हैं। जो पीरियड को नियमित करने में सहायक होते हैं।  इसके साथ ही यह  फीमेल सेक्स हारमोंस को भी नियंत्रित करते हैं। इसके लिए आप दो चम्मच सौंफ लें।  और एक गिलास पानी में डालकर रात का भिगो दे और सुबह खाली पेट इसे  छानकर पी लें हैं। ऐसा कुछ दिन तक करें।

अनानास

अनानास में वैसे तो विटामिन सी होता है। जो शरीर के लिए अच्छा माना जाता है। अनानास अनियमित  पीरियड को नियंत्रित करने में मददगार होता है। इसमें ब्रोमीन एंजाइम होता है।  जो गर्भाशय की परत को नरम बनाने और पीरियड साइकिल को नियमित करने में मदद करता है। ब्रोमेलेन पीरियड के दौरान होने वाले दर्द, ऐंठन, सिर दर्द जैसी समस्याओं से छुटकारा भी दिलाता है।

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