गर्भवती महिलाओं में डिप्रेशन के दिखते हैं ये लक्षण, जानें इसका बच्चों पर कैसे पड़ेगा असर

गर्भवती महिलाओं में महिलाओं को अपनी सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए। कुछ लक्षण से स्पष्ट हो जाता है कि महिलाओं को डिप्रेशन है।
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नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क| आज हर दूसरा इंसान डिप्रेशन से जूझ रहा है। डिप्रेशन एक मानसिक रोग के तौर पर जाना जाता है, जो हफ्तों नहीं बल्कि महीनों तक आपको परेशान करता है। कई लोग तो बिना दवा खाकर भी डिप्रेशन से ठीक हो जाते हैं। लेकिन कुछ लोगों को इलाज करने से लाभ मिलता है।

डिप्रेशन मानसिक नहीं बल्कि शारीरिक तौर पर भी प्रभावित करेगा। ये पीड़ित व्यक्ति की रूटीन पर काफी असर डालता है। ये हालत गर्भास्था या फिर प्रगनेंसी में अकसर देखने को मिलेगा। गर्भवती महिलाओं में डिप्रेशन तो बिना किसी वजह के भी हो सकता है। इसमें महिलाएं अकसर उदास, निराश और चिंता करने लगती है। महिलाओं में डिप्रेशन के ये लक्षण शामिल होते हैं।

प्रेगनेंसी में डिप्रेशन के लक्षण थोड़े अलग माने जाते हैं। प्रेगनेंसी के दौरान डिप्रेशन का प्रभाव महिलाओं के भविष्य पर पड़ने लगता है। इसका प्रभाव बच्चों पर भी पड़ता है। इससे डिप्रेशन का पता लगता है। गर्भावस्था में डिप्रेशन के ये लक्षण होते हैं।

डिप्रेशन में महिलाएं होती हैं उदास

गर्भावस्था में डिप्रेशन होने के बाद महिलाएं काफी उदास हो जाती हैं। वे अकसर ही अकेला रहना चाहती है। वे किसी चीज को करना पसंद नहीं करती। इस हालत में महिलाओं को काफी दुख और उदासी महसूस होती है। इस वजह से मालूम होता है कि गर्भवती महिलाओं को डिप्रेशन हो गया है। अगर आपके घर में गर्भवती महिला उदास हो जाती हैं तो उनसे बात करने का प्रयास करें।

महिलाओं को डिप्रेशन में होती है थकान

गर्भावस्था में महिलाओं को थकान और कमजोरी महसूस होना शुरू हो जाती है। ये डिप्रेशन का भी एक कारण हो सकता है। प्रेगनेंसी में अवसाद होता है तो महिलाएं बहुत ज्यादा थकान महसूस करती हैं। वे थोड़ा काम कर भी काफी अधिक थकान महसूस करने लगती हैं। इसके चलते उनको काफी कमजोरी होती है।

डिप्रेशन में महिलाएं ज्यादा खान करती हैं पसंद

प्रेगनेंसी में महिलाओं को अलग तरह के खाद्य पदार्थ भी खाना पसंद करती हैं। लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान जिन महिलाओं को डिप्रेशन रहता है वो ज्यादा खाना खाती हैं। इससे भी मालूम हो जाता है कि प्रेगनेंट महिलाओं को डिप्रेशन है। इस हालत में वे कम खाना पसंद करती हैं।

ज्यादा सोना भी होता है डिप्रेशन का लक्षण

प्रेगनेंट महिलाओं का ज्यादा सोना या फिर नींद ना आना भी डिप्रेशन का खास संकेत होता है। कोई भी इंसान 9 से 10 घंटे तक सो सकता है। लेकिन इससे ज्यादा सोना भी सामान्य स्थिति में शामिल नहीं है।

बिना वजह रोना भी डिप्रेशन की है वजह

गर्भावस्था में बिना किसी कारण के रोना भी डिप्रेसन की वजह रहती है। कई बार महिलाओं के मन में उदासी और निराशा रहती है। ये डिप्रेशन की हालत में हो सकता है। महिलाएं अकसर रोने लगती हैं। लेकिन वे इसकी वजह बताने में सफल नहीं पाती। इसका साफ मतलब है कि उनको डिप्रेशन है।

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