नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। दिवाली का त्योहार आते ही सजावट के अलावा कई तरह के पकवान को लेकर भी सब खुश हो जाते हैं। घरों में तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं। जिनको बनाने के लिए अधिकतर मैदे का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन त्योहार के अवसर पर मैदे में मिलावट के केस भी सामने आते रहते हैं। इसके कारण आपकी सेहत पर भी बुरा असर पहुंचता है। लेकिन आज हम कुछ ऐसे टिप्स आपको बताएंगे इसके जरिए आप असली और नकली को समझ आएंगे।
FSSAI ने जारी किया वीडियो
FSSAI (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने भी मैदा की सही पहचान करने की टिप्स बताई है। मैदा में मिलावट की पहचान करने के लिए आप मैदा में तीन से चार बूंद हाइड्रोक्लोरिक एसिड मिलाएं फिर टर्मरिक पेपर स्ट्रिप को घोल में डुबोएं, मैदा में मिलावट होगी तो स्ट्रिप का रंग लाल हो जाएगा।इसके लिए FSSAI ने एक वीडियो भी जारी किया हैं आप उसकी भी मदद ले सकते हैं।
मैदा में किसकी होती है मिलावट
मैदा में बोरिक एसिड मिलाया गया होता है। बोरिक एसिड एक तरह की एंटीसेप्टिक दवा होती है, जिसे जर्म्स को मारने के लिए उपयोग किया जाता है। लेकिन अगर आप इस प्रकार के मिलावट वाले मैदे का सेवन करते हैं तो ये बीमारी का बड़ा कारण हो सकता है।
नकली मैदा खाने से ये होती है परेशानियां
नकली मैदा का सेवन करने से शरीर को कई प्रकार का नुकसान पहुंचता है। जो आपके लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है। नकली मैदा का सेवन करने से लिवर इंजाइम्स बढ़ सकते हैं।इसके साथ ही आपको पेट में दर्द, पेट में जलन, एलर्जी, उल्टी या दस्त की समस्या हो सकती है। इस लिए आपको मैदा का सेवन करने से ज्यादा बचना चाहिए। वहीं आपको बता दें की अगर आप असली मैदा का भी ज्यादा से ज्यादा सेवन करते हैं तो ये आपके लिए नुकसान दायक हो सकता है। मैदा को आटे से बनाया जाता है इसलिए इसमें भी ग्लूटन पाया जाता है, ग्लूटन का सेवन करने से पेट फूलना, पेट दर्द आदि समस्या हो सकती हे।





