नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोलकाता के बाहरी इलाके आनंदपुर में मोमो मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और दो गोदामों में लगी भीषण आग ने न केवल 21 मानव अवशेषों की सच्चाई को उजागर किया है, बल्कि राजनीतिक तापमान भी बढ़ा दिया है। अब तक बरामद हुए 21 मानव अवशेष (आंशिक रूप से जले अंग/कंकाल) की पहचान DNA टेस्ट के बाद ही की जा सकेगी।
सियासत का नया मोड़: सुवेंदु का विवादित बयान
नेता प्रतिपक्ष और BJP के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को आनंदपुर में प्रदर्शन किया और सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि इस आग में जिन लोगों की मौत हुई या जो लापता हैं, वे हिंदू हैं, इसलिए वे ममता बनर्जी के वोटबैंक में नहीं आते। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी और विपक्ष ने इसे धार्मिक-सामाजिक विभाजन वाली टिप्पणी बताया।
राज्यपाल ने जताई नाखुशी: लापरवाही स्वीकार नहीं
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने इस घटना को “बहुत ही चौंकाने वाली और दुखद” बताया। उन्होंने कहा कि आग लगने से पहले, दौरान और बाद में कई जरूरी कदम उठाए जाने थे, लेकिन नहीं उठाए गए। राज्यपाल ने स्पष्ट कहा कि इस हादसे में कंपनी, गोदाम मालिक और कानून लागू करने वाली एजेंसियां सभी जिम्मेदार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द ही एडवाइजरी जारी करेंगे, क्योंकि ऐसे हादसों पर आंखें बंद नहीं की जा सकतीं।
गिरफ्तारी का सिलसिला जारी: 3 आरोपी अब तक गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।पहले गंगाधर दास (परिसर और डेकोरेशन फर्म के मालिक) को गिरफ्तार किया गया।शुक्रवार को मनोरेनजन शीट (प्रबंधक) और राजा चक्रवर्ती (उप-प्रबंधक) को भी गिरफ्तार किया गया।पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को नरेंद्रपुर पुलिस ने पकड़ा है और उन्हें बरुइपुर कोर्ट में पेश किया जाएगा।
जांच का फोकस: सुरक्षा मानक और नियमों की अनदेखी
अग्निकांड की जांच में यह देखा जा रहा है कि आग कैसे फैली और क्या सुरक्षा नियमों का पालन हुआ या नहीं। 21 मानव अवशेष मिलने के बाद मृतकों की सही संख्या का आंकड़ा अभी तय नहीं किया जा सका है, क्योंकि कई अवशेष एक ही व्यक्ति के भी हो सकते हैं। डीएनए परीक्षण के बाद ही मृतकों की सटीक संख्या और पहचान स्पष्ट होगी।





