नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर बेलडांगा में निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर द्वारा कथित तौर पर बाबरी मस्जिद की नींव रखने का दावा सामने आते ही सियासत गरमा गई है। इस पूरे मामले पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इमरान मसूद का कहना है कि कबीर मानसिक संतुलन खो बैठे हैं और भाजपा के इशारों पर काम कर रहे हैं।
”बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे हुमायूं कबीर”
इमरान मसूद ने हुमायूं कबीर की मंशा पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कबीर मानसिक रूप से अस्थिर व्यवहार कर रहे हैं और अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत करने के लिए धर्मस्थल का इस्तेमाल कर रहे हैं। इमरान मसूद के मुताबिक, कबीर की हरकतें बेहद गैर-गंभीर और भटकाव भरी हैं और वह भाजपा के संकेतों पर चल रहे हैं। मसूद ने यह भी साफ किया कि मस्जिद को चुनावी रणनीति का साधन बनाना किसी भी तरह उचित नहीं है। उनका कहना है कि कबीर की यह पहल समाज में विभाजन पैदा करने और माहौल को खराब करने की सोची-समझी कोशिश लगती है।
”कबीर का अतीत बताता है, वह BJP की लाइन पर चल रहे हैं”
इमरान मसूद ने हुमायूं कबीर के राजनीतिक सफर पर सवाल उठाते हुए कहा कि कबीर का पूरा ट्रैक रिकॉर्ड भाजपा से निकटता को दर्शाता है। इमरान मसूद के अनुसार, कबीर पहले भी 2019 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरे थे, और आज उनके कदम ठीक उसी तरह हैं, जैसे भाजपा की राजनीति में दिखाई देते हैं। उनका कहना है कि कबीर की हरकतें समाज में विभाजन पैदा करने का प्रयास लगती हैं।
इमरान मसूद ने यह भी तंज कसा कि अगर कबीर खुद को मुसलमानों का बड़ा प्रतिनिधि मानते हैं, तो फिर 2019 में भाजपा के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का निर्णय उन्होंने क्यों लिया था। इमरान मसूद ने दावा किया कि कबीर को पहले ही भाजपा की नीतियों की वास्तविकता समझ आ जानी चाहिए थी।
मसूद का BJP पर पलटवार
ममता बनर्जी और हुमायूं कबीर के बीच “फिक्स्ड गेम” होने के भाजपा के आरोप पर इमरान मसूद ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह खेल ममता और कबीर का नहीं, बल्कि भाजपा और ममता बनर्जी के बीच भी हो सकता है। इमरान मसूद का कहना था कि ममता बनर्जी को कठोर कदम उठाने चाहिए ताकि देश में ऐसी राजनीति का तमाशा न बन सके। उन्होंने भाजपा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब कबीर पहले से ही भाजपा के करीबी थे, तो आखिर पार्टी ने उन्हें अपनाया क्यों था। इमरान मसूद के मुताबिक, बीजेपी अब उसी व्यक्ति को लेकर शोर मचा रही है, जिसे कभी स्वयं उन्होंने आगे बढ़ाया था।





