नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कभी भी हो सकता है। इसी बीच राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी ने चुनाव आयोग से चुनाव कम चरणों में कराने की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि विधानसभा चुनाव ज्यादा से ज्यादा 3 चरणों में ही कराए जाने चाहिए। सोमवार को बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने कोलकाता में चुनाव आयोग की फुल बेंच से मुलाकात की। इस दौरान पार्टी नेताओं ने चुनाव से जुड़ी कई चिंताएं आयोग के सामने रखीं और 16 सूत्रीय मांग पत्र भी सौंपा। चुनाव आयोग की टीम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में इन दिनों पश्चिम बंगाल के दौरे पर है। उनके साथ चुनाव आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी भी मौजूद हैं। आयोग राज्य में चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने और राजनीतिक दलों के सुझाव सुनने के लिए बैठकों का दौर कर रहा है।
3 चरणों से ज्यादा में चुनाव कराने का विरोध
बीजेपी नेता जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने बताया कि पार्टी ने चुनाव आयोग से विधानसभा चुनाव 1, 2 या ज्यादा से ज्यादा 3 चरणों में कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि 7 या 8 चरणों में चुनाव कराने की कोई जरूरत नहीं है और चुनावी प्रक्रिया को कम समय में पूरा किया जाना चाहिए। बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। पार्टी नेताओं का कहना है कि अभी राज्य में केंद्रीय सुरक्षा बलों की करीब 400 कंपनियां तैनात हैं, लेकिन उनका सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य पुलिस केंद्रीय बलों को ठीक तरह से काम नहीं करने दे रही है और इससे वोटरों में भरोसा पैदा नहीं हो पा रहा है।
रूट मार्च को लेकर भी उठाए सवाल
पार्टी के नेता शिशिर बाजोरिया ने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों के रूट मार्च संवेदनशील इलाकों में कराने के बजाय शांत जगहों पर कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई बार रूट मार्च ऐसी सड़कों पर किया जाता है जहां आम लोग कम रहते हैं, जिससे उसका कोई खास असर नहीं पड़ता। बीजेपी ने चुनाव आयोग से अपील की है कि पश्चिम बंगाल में हिंसा मुक्त और डर से मुक्त माहौल में चुनाव कराने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि सभी मतदाता बिना किसी डर के अपने वोट का इस्तेमाल कर सकें।





