नई दिल्ली/ रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी तापमान बढ़ने लगा है। ऐसे में भी पार्टिया अपनी अपनी रणनीति को धार देने में लगी हुई हैं। राज्य की अहम सीटों में गिनी जाने वाली Bahrampur Assembly Seat एक बार फिर चर्चा का केंद्र बनने के लिए तैयार है। मुर्शिदाबाद जिले में स्थित यह सीट राजनीतिक रूप से काफी प्रभावशाली मानी जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां हमेशा से ही कांटे की टक्कर देखने को मिली है।
Bahrampur Assembly Seat का चुनावी इतिहास
बहरामपुर विधानसभा क्षेत्र सामान्य श्रेणी की सीट है और यह बहरामपुर लोकसभा के अंतर्गत आती है। इस सीट का इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है और जहां समय समय पर अलग अलग दलों का दबदबा देखने को मिला है।
अगर बीते विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो साल 2021 में इस सीट पर बीजेपी के सुब्रत मैत्रा ने जीत हासिल की थी। उन्होंने TMC के नारू गोपाल मुखर्जी को करीब 26 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया था। हालांकि इससे पहले कांग्रेस और वाम दलों का भी इस सीट पर अच्छा खासा दबदबा रहा है। कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़कर अधीर रंजन चौधरी इसी सीट के सांसद बनकर संसंद पहुचे थे चुनावी आंकड़े बताते हैं कि बहरामपुर सीट पर मुकाबला हमेशा बहुकोणीय रहा है।
साल 2026 के चुनावों में हॉट सीट बनकर उभरी
अब 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में एक बार फिर बहरामपुर की इस सीट पर सभी दलों की नजरें टिकी हैं। बीजेपी अपनी जीत बरकरार रखने की कोशिश में है, वहीं तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस भी इस सीट को वापस हासिल करने के लिए पूरी ताकत लगा रही हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार बहरामपुर की जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है इस बात का पता तो विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद ही पता चल पाएगा।




