नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। वित्त मंत्री ने आम बजट पेश करते हुए कहा कि कहा कि गिग वर्कर्स को सोशल सिक्योरिटी दी जाएगी और इसके आलावा ई श्रम पोर्टल पर उनका रजिस्ट्रेशन किया जाएगा जिसका फायदा 1 करोड़ गिग वर्कर्स को होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद सरकार की ओर से उन्हें आईडी कार्ड दिया जाएगा जिसके इस्तेमाल से उन्हें प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थय बीमा की सुविधा दी जाएगी।
ई श्रम पोर्टल पर करना होगा रजिस्ट्रेशन
गिग वर्कर्स को इसका लाभ लेने के लिए ई श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। केवल पंजीकृत वर्कर्स को ही इसका लाभ मिल सकेगा। अभी तक इस पोर्टल पर केवल असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे कामगारों को ही पंजीकृत किया जाता था जबकि अब इसे विस्तार देते हुए गिग वर्कर्स के लिए भी खोल दिया गया है।
कौन होते हैं गिग वर्कर्स?
जो कर्मचारी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर काम करते हैं और किसी कंपनी या फर्म के रेगुलर कर्मचारी के तौर पर काम नहीं करते उन्हें गिग वर्कर्स कहा जाता है। उदाहरण के तौर पर देखा जाए तो Zomato-Swiggy और Ola-Uber जैसे प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वाले वर्कर्स को गिग वर्कर्स कहा जाता है। ये ऐसे वर्कर्स होते हैं तो किसी कंपनी के लिए इन ऑफिस काम करने के लिए बाध्य नहीं होते बल्कि फ्रीलांस के तौर पर काम करते हैं। कंटेंट क्रिएटर्स को भी इसका फायदा मिलने जा रहा है। बता दें कि आसाम भाषा में समझा जाए तो यह गिग वर्कर्स को मिलने वाला पहला ऐसा फायदा है जो नियमित कर्मचारियों को भी मिलता है।
क्या है इसका मकसद?
बजट 2025-26 पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि शहरी इलाकों में काम करने वाले श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए भी नई योजना लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य वर्कर्स की सुरक्षा और बेहतरी सुनिश्चित करना है।




