नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के पास स्थित सुजावन देव मंदिर धार्मिक आस्था का एक ऐसा केंद्र है जहां हर साल भाई दूज के दिन लाखों श्रद्धालु आकर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति करते हैं। यह मंदिर अपनी पौराणिक कथा, भव्य मेला और प्राकृतिक सुंदरता के लिए विख्यात है। यहां पूजा-अर्चना से भाई को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता और मोक्ष की प्राप्ति होती है, ऐसा यमराज के बहन यमुना को दिया गया वरदान माना जाता है।
पौराणिक कथा: यमराज का वरदान और भाई दूज की खास महत्ता
पौराणिक मान्यता के अनुसार, यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने के लिए भाई दूज के दिन प्रयागराज से करीब 25 किलोमीटर दूर यमुना नदी की मध्यधारा में बने सुजावन देव मंदिर पहुंचे थे। इस अवसर पर यमराज इतने प्रसन्न हुए कि, उन्होंने अपने सभी भाइयों को वरदान दिया कि, जो कोई इस दिन यमुना नदी में स्नान कर अपनी बहन से तिलक करवाएगा, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं होगा और उसकी आयु लंबी होगी। तभी से यह स्थल भाई दूज के पर्व पर खास महत्व रखता है।
प्राकृतिक छटा और ऐतिहासिक महत्व
सुजावन देव मंदिर यमुना नदी के जल में स्थित एक प्राकृतिक द्वीप पर स्थित है। इसे पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को नाव द्वारा यमुना नदी पार करनी होती है, जो यात्रा को और भी आध्यात्मिक और रोमांचक बना देती है। यह मंदिर लगभग 150 फीट ऊंची चट्टानों पर बना है और कुषाण कालीन वास्तुकला की अनूठी छाप लिए हुए है।मंदिर के आसपास का वातावरण शांति और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, जो भक्तों को आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है।
यम द्वितीया मेला: प्रयागराज का दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन
हर साल दीपावली के बाद यम द्वितीया (भाई दूज) के मौके पर यहां विशाल मेला लगता है, जो प्रयागराज का दूसरा सबसे बड़ा मेला माना जाता है। इस वर्ष यह मेला 22 और 23 अक्टूबर को आयोजित होगा।
मेले में देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं, जो यमुना में स्नान कर भगवान सुजावन देव की पूजा-अर्चना करते हैं। इस पूजा से यमराज के भय से मुक्ति मिलती है और दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मेला धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
सुजावन देव मंदिर और फिल्मी दुनिया
सुजावन देव मंदिर की प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक वास्तुकला ने बॉलीवुड फिल्म निर्माताओं को भी अपनी ओर आकर्षित किया है। यहां कई मशहूर फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग हुई है, जिनमें अजय देवगन, विवेक ओबेरॉय, और बिपाशा बसु की फिल्म ‘ओमकारा’ और वेब सीरीज ‘रक्तांचल’ शामिल हैं।
श्रद्धालुओं के लिए जानकारी
स्थान: प्रयागराज से लगभग 25 किलोमीटर दूर यमुना नदी की मध्यधारा में स्थित
कैसे पहुंचे: श्रद्धालुओं को नाव द्वारा यमुना नदी पार करनी होती है
विशेष अवसर: भाई दूज (यम द्वितीया) के दिन पूजा-अर्चना और मेले का आयोजन
मेला तारीख: 22-23 अक्टूबर 2025
धार्मिक महत्व: अकाल मृत्यु से मुक्ति और दीर्घायु की प्राप्ति
सुजावन देव मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक महत्व और सांस्कृतिक समृद्धि का भी प्रतीक है। यहां भाई दूज के दिन पूजा-अर्चना करने से न केवल यमराज के भय से मुक्ति मिलती है, बल्कि यह भाई-बहन के रिश्ते को भी नई ऊर्जा प्रदान करता है। अगर आप इस भाई दूज पर एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव लेना चाहते हैं तो सुजावन देव मंदिर की यात्रा अवश्य करें।





