नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मार्च यानी मौसम का वो परफेक्ट बैलेंस जब न ठंड कंपकंपाती है, न गर्मी सताती है। हल्की धूप, साफ आसमान, कम भीड़ और खिली हुई प्रकृति-घूमने का इससे बेहतर वक्त मुश्किल से मिलता है। अगर आप भी इस महीने एक सुकून भरी ट्रिप प्लान करना चाहते हैं, तो ये 5 जगहें सच में जन्नत जैसा अनुभव दे सकती हैं।
वाराणसी – आध्यात्म और सुकून का संगम
मार्च में वाराणसी की सुबहें बेहद सुहावनी होती हैं। हल्की ठंडक और सुनहरी धूप के बीच घाटों का नज़ारा मन मोह लेता है। आप काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन कर सकते हैं और तंग गलियों में बिना थके घंटों घूम सकते हैं।
सुबह-सुबह गंगा नदी में नाव की सवारी और शाम को घाटों पर होने वाली गंगा आरती-ये अनुभव दिल में बस जाता है। मार्च में यहां भीड़ भी कम रहती है, जिससे यात्रा और भी सुखद हो जाती है।
उदयपुर – झीलों की नगरी का रोमांस
राजस्थान की तपती गर्मी शुरू होने से पहले मार्च में उदयपुर घूमना सबसे सही फैसला है। साफ नीले आसमान की परछाई जब पिछोला झील में पड़ती है, तो पूरा शहर किसी पेंटिंग जैसा लगता है।
आप भव्य सिटी पैलेस, उदयपुर और जग मंदिर देख सकते हैं। वहीं सहेलियों की बाड़ी में टहलना और झील किनारे शाम बिताना अलग ही सुकून देता है।
वायनाड – प्रकृति प्रेमियों की जन्नत
कॉफी बागानों की खुशबू और हरियाली से घिरा वायनाड मार्च में बेहद खूबसूरत लगता है। बारिश का डर नहीं होता, इसलिए आप आराम से एडक्कल गुफाएं घूम सकते हैं। बनासुरा सागर बांध के नजारे और चेम्ब्रा पीक की दिल के आकार वाली झील तक ट्रेकिंग-ये ट्रिप में रोमांच भर देते हैं।
ऊटी – फूलों और चाय बागानों की बहार
दक्षिण भारत का मशहूर हिल स्टेशन ऊटी मार्च में अपनी असली खूबसूरती दिखाता है। बगीचे रंग-बिरंगे फूलों से भरे रहते हैं और चाय बागान हरे-भरे नजर आते हैं। ऊटी झील में बोटिंग और नीलगिरी माउंटेन रेलवे की टॉय ट्रेन की सवारी यादगार अनुभव है। ऊंचाई से दृश्य देखना हो तो डोड्डाबेट्टा पीक जरूर जाएं।
गंगटोक – पहाड़ों में वसंत का जादू
मार्च में गंगटोक में वसंत की शुरुआत हो जाती है। पहाड़ों की चोटियां साफ नजर आती हैं और मौसम बेहद आरामदायक रहता है।आप त्सोमगो झील का नज़ारा देख सकते हैं और रुमटेक मठ में शांति का अनुभव कर सकते हैं। शाम को एमजी मार्ग पर घूमना और लोकल फूड ट्राई करना ट्रिप को खास बना देता है।





