नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। साल 2025 के बजट के दौरान कई विषयों पर ध्यान भी दिया गया और बड़े ऐलान भी किए गए। वहीं, मेडिकल टूरिज्म को लेकर निर्मला सीतारमण ने खास बात कही है। उनका कहना है कि प्राइवेट सेक्टर के साझेदारी से भारत को मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में बढ़ावा मिलेगा।
क्या है मेडिकल टूरिज्म
किसी देश के रहने वाले व्यक्ति अपने इलाज के लिए दूसरे देश की यात्रा करते हैं इसे मेडिकल टूरिज्म कहते हैं। काफी सालों से यह ट्रेंड बढ़ रहा है। मेडिकल टूरिज्म के तहत सिर्फ इलाज ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ी देखभाल के दूसरे पहलू ट्रैवलिंग, ठहरने की व्यवस्था जैसी चीजों पर भी ध्यान दिया गया है।
क्यों बढ़ रहा है ट्रेंड
भारत की गिनती उन देशों में होती है जहां इलाज तुलनात्मक रूप से सस्ता है। थाईलैंड, मलेशिया और मेक्सिको भी ऐसे ही कुछ देश हैं। इस वजह से लोग इलाज के लिए इन देशों में आते हैं।
हाई क्वालिटी मेडिकल सुविधा
केंद्र सरकार की तरफ से भारत जैसे विकसित देश में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। इसके अलावा सिंगापुर साउथ कोरिया और जर्मनी में बेहतरीन डॉक्टर और अस्पताल हैं। इन जगहों पर मरीजों को अच्छा इलाज मिलता है। मेडिकल टूरिज्म में कॉस्मेटिक सर्जरी, फर्टिलिटी ट्रीटमेंट, डेंटल केयर, आर्गन और टिशु ट्रांसप्लांट जैसी सुविधाओं के लिए भारत जैसे देश में आते हैं।
किन देशों से आते हैं लोग
भारत में कुछ चीजों का इलाज बहुत ही कम कीमत पर हो जाता है। इसके अलावा मेडिकल की अलग-अलग तकनीक है जो ट्रीटमेंट को आसान बनाती है। भारत जैसे देश में अस्पताल कुशल डॉक्टर और नर्स मौजूद है। भारत देश में लाखों की संख्या में विदेशी मेडिकल टूरिज्म में वीजा पर देश में आते हैं। भारत जैसे विकसित देश में इराक, अमेरिका, अफगानिस्तान मालदीव्स, केन्या, म्यांमार और श्रीलंका से मरीज आते हैं।
अर्थव्यवस्था को मिलता है बढ़ावा
भारत जैसे देश में विदेशी पर्यटकों से होने वाली कमाई का एक बड़ा हिस्सा मेडिकल टूरिज्म के तहत ही आता है। इलाज के लिए बेंगलुरु, चंडीगढ़, दिल्ली, गुरुग्राम, मुंबई, जयपुर, कोलकाता और तमिलनाडु जैसी जगह फेमस है।
मेडिकल टूरिज्म में आगे बढ़ते हुए देश
मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि स्पेन, जापान, दुबई, इजराइल, अबू धाबी, सिंगापुर जैसे देश आगे बढ़ रहे हैं। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की प्लानिंग भी बहुत खास है। MPV यानी की ऑनलाइन मेडिकल वैल्यू ट्रैवल पोर्टल को बनाना।, वैलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देना जैसे उद्देश्य शामिल है।
इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप मेडिकल ट्रैवल के लिए किसी दूसरे देश में जा रहे हैं तो कुछ जरूरी बातों को भी ध्यान रखना होता है। आपको इलाज से पहले डॉक्टर से कम से कम 4 से 6 दिन पहले ही बात कर लेनी चाहिए। आपको ट्रैवल रिस्क के बारे में डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिए। मरीज को अपने हेल्थ स्टेटस के बारे में डॉक्टर को बताना चाहिए और इंटरनेशनल ट्रैवल इंश्योरेंस डॉक्यूमेंट भी रख लेना चाहिए।




