नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। राजस्थान का जालौर शहर एक ऐतिहासिक जगह है। इसे जबालीपुर के नाम से भी जाना जाता था। एक समय में यहां पर एक समृद्ध रियासत थी, जिसे गोल्डन माउंट के नाम से संबोधित किया जाता था। इतना ही नहीं यह राजस्थान का सबसे बड़ा धार्मिक केंद्र भी रहा है। यहां पर कई सारे खूबसूरत मंदिर और प्राकृतिक नजारे हैं पर्यटक यहां घूमने के लिए दूर-दूर से आते हैं।
जलौर फोर्ट
अगर आप राजस्थान के जलौर शहर में घूमने का प्लान बना रहे हैं तो शुरुआत यहां के जालोर फोर्ट से करें। यह जगह पर्यटकों को प्रभावित करती है दसवीं शताब्दी से इसका संबंध है। यह राज्य के सबसे प्रभावशाली किलों में से एक माना जाता है किले के अंदर बेहद ही अच्छी संरचनाएं बनी हुई है। इतना ही नहीं इन रचनाओं में जैन मंदिर, मस्जिद, हिंदू मंदिर भी शामिल है।
सुधा पर्वत
सुधा पर्वत पहाड़ियों के बीच में स्थित है यहां पर सुधा माता मंदिर भी है। सुधा पर्वत अरावली श्रृंखला में बसा हुआ है यहां पर हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु घूमने आते हैं। बता दें कि, पहाड़ों के बड़े-बड़े चट्टानों के बीच में देवी चामुंडा का मंदिर स्थित है।
जलौर वन्य अभ्यारण
जालौर के ऐतिहासिक स्थल ही नहीं बल्कि यहां की प्राकृतिक सुंदरता भी लोगों को बहुत पसंद आती है। इसके अलावा यहां के वन्य जीव अभ्यारण लोगों को आकर्षित करते हैं। यहां पर आपको तरह-तरह की वनस्पतियां और जीव जंतु देखने को मिलते हैं। इस जगह पर जंगली जीवों में जंगली बिल्ली, लोमड़ी, तेंदुआ आदि जानवर देखने को मिलते हैं।
नीलकंठ महादेव मंदिर
नीलकंठ महादेव मंदिर बिशनगढ़ गांव में स्थित है। इस मंदिर की एक झलक देखने के लिए पर्यटक दूर-दूर से आते हैं नीलकंठ मंदिर ऊंची चोटी पर स्थित है। इस मंदिर को लेकर यह माना जाता है की सबसे पहले शिवलिंग के दर्शन इसी जगह पर हुए थे यहां पर भगवान शिव की पूजा की जाती है।
अन्य खबरों के लिए क्लिक करें- Hindi News Today: ताज़ा खबरें, Latest News in Hindi, हिन्दी समाचार, आज का राशिफल, रफ़्तार – रफ्तार:




