नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । मॉनसून और लॉन्ग वीकेंड के चलते मसूरी में पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब मसूरी में एंट्री से पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। अगर आप बिना रजिस्ट्रेशन के पहुंचते हैं, तो प्रवेश नहीं मिलेगा। यह नियम खासतौर पर वीकेंड्स और छुट्टियों के दौरान भीड़ नियंत्रित करने के लिए लागू किया गया है। प्रशासन का मकसद है कि भीड़भाड़ से स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अगर आप मसूरी जा रहे हैं, तो रवाना होने से पहले ही रजिस्ट्रेशन करवा लें, वरना वापस लौटना पड़ सकता है।
मसूरी में पर्यटकों की संख्या बढ़ रही
पहाड़ों की रानी मसूरी में पर्यटकों की तादाद तेजी से बढ़ रही है, जिसके बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। अब यहां आने से पहले हर सैलानी को उत्तराखंड पर्यटन विभाग के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में मसूरी आने वाले पर्यटकों की संख्या जहां 11 लाख थी, वहीं 2024 में यह आंकड़ा 21 लाख को पार कर गया। इस फैसले का मकसद भीड़ को नियंत्रित करना, ट्रैफिक जाम से राहत दिलाना और स्थानीय संसाधनों पर दबाव कम करना है।
मसूरी जाने से पहले जरूरी है रजिस्ट्रेशन
मसूरी यात्रा की योजना बना रहे हैं? तो जान लें कि अब बिना रजिस्ट्रेशन के मसूरी में प्रवेश नहीं मिलेगा। उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने सभी यात्रियों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। जानिए कैसे करें रजिस्ट्रेशन, ताकि आपकी ट्रिप बिना रुकावट पूरी हो सके।
कैसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन?
सबसे पहले उत्तराखंड पर्यटन विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। लिंक देहरादून जिले की वेबसाइट या सरकारी पोर्टल पर मिलेगा।
ऑनलाइन फॉर्म में ये जानकारी भरनी होगी –
– आपका पूरा नाम
– मोबाइल नंबर (भारतीय नागरिकों के लिए)
– ईमेल आईडी (विदेशी यात्रियों के लिए)
– यात्रा की तारीखें
– यात्रियों की कुल संख्या
– वाहन नंबर (यदि निजी वाहन से जा रहे हैं)
ओटीपी वेरिफिकेशन :-
– भारतीय पर्यटकों को मोबाइल पर ओटीपी आएगा।
– विदेशी यात्रियों को ईमेल पर ओटीपी भेजा जाएगा।
मिलेगा यूनिक QR कोड :-
रजिस्ट्रेशन के बाद एक यूनिक QR कोड जनरेट होगा। यही कोड आपको चेकपोस्ट, पार्किंग या होटल चेक-इन के वक्त दिखाना होगा।
पता चलेगा मसूरी आने वालों की सही संख्या
रिपोर्ट के मुताबिक, जिला पर्यटन अधिकारी ब्रिजेन्द्र पांडे ने बताया कि मेहमानों की रजिस्टर्ड डिटेल्स के जरिए यह स्पष्ट होगा कि कितने लोग मसूरी पहुंच रहे हैं। इससे आगे की प्लानिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी। यह व्यवस्था नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा 8 मई को जारी निर्देशों के बाद लागू की गई है। NGT ने कहा था कि मसूरी में पर्यटकों की संख्या को उसकी क्षमता के अनुसार मॉनिटर किया जाएगा, जिसमें पार्किंग और गेस्ट रूम्स की उपलब्धता भी शामिल होगी। इस नई व्यवस्था को लागू करने की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग और मसूरी नगर पालिका को सौंपी गई है।
होटल और होमस्टे मालिकों के लिए भी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
पर्यटकों को रहने की सुविधा देने वाले होटल, होमस्टे या गेस्ट हाउस मालिकों को एक पोर्टल पर नीचे दी गई जानकारी के साथ रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।
– मालिक का नाम और मोबाइल नंबर
– प्रॉपर्टी का प्रकार (जैसे होटल, होमस्टे आदि)
– प्रॉपर्टी का नाम
– उपलब्ध कमरों की संख्या और अधिकतम ठहरने वाले मेहमानों की क्षमता
एक बार रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाने के बाद, होटल मालिक उसी पोर्टल पर अपने गेस्ट की बुकिंग डिटेल्स दर्ज करके उनका भी रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे।
टूरिस्ट रजिस्ट्रेशन से भीड़ नियंत्रण आसान
हाल के दिनों में मसूरी की क्षमता को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। गांधी चौक से मॉल रोड तक ट्रैफिक जाम आम बात हो गई है। जून में दिल्ली से आए एक पर्यटक की इलाज न मिलने के कारण जाम में फंसकर मौत हो गई थी। इस घटना के बाद NGT ने मसूरी की स्थिति का संज्ञान लिया। अब सरकार का कहना है कि यदि पर्यटकों का रियल टाइम डाटा उपलब्ध हो, तो भीड़ को नियंत्रित करना आसान होगा। इससे न सिर्फ ट्रैफिक में कमी आएगी, बल्कि पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा और शहर की क्षमता के अनुसार प्रबंधन संभव हो पाएगा।





