नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अगर शहर की चकाचौंध और शोरगुल से थक गए हैं और कुछ दिन अपने मन की शांति के नाम करना चाहते हैं, तो भारत में कई ऐसे कोने हैं जहां न भीड़ है, न भागदौड़… सिर्फ आप हैं और आपकी खामोशी, अगर जिंदगी की दौड़-भाग, ट्रैफिक और मोबाइल नोटिफिकेशन से ब्रेक चाहिए तो भारत की कुछ बेहद खूबसूरत और शांत जगहें आपका इंतज़ार कर रही हैंआइए जानते है उन जगहों के बारे में।
जी हां, हम बात कर रहे हैं भारत की कुछ छुपी हुई मगर बेहद खास जगहों की, जहां जाकर लगता है जैसे समय रुक गया हो, और आप खुद को फिर से महसूस करने लगे हों। तो चलिए, बिना देर किए जानिए वो 4 बेहतरीन डेस्टिनेशन जहां सुकून ही सुकून है।
1. तवांग, अरुणाचल प्रदेश
अगर आप बर्फीली वादियों में बैठकर ध्यान लगाना चाहते हैं या बस शांत आसमान को निहारना, तो तवांग एकदम सही है।यहां स्थित तवांग मठ भारत का सबसे बड़ा और एशिया का दूसरा सबसे बड़ा बौद्ध मठ है।
कम टूरिस्ट, साफ हवा और तिब्बती संस्कृति ये जगह सचमुच inner peace की परिभाषा है।
स्पेशल फैक्ट: तवांग मठ की स्थापना 1681 में हुई थी और यह 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।
2. गोकर्ण, कर्नाटक
अगर गोवा की भीड़भाड़ से बचना है, लेकिन समंदर का सुकून चाहिए तो गोकर्ण बेस्ट है।
यहां के ओम बीच, हाफ मून बीच जैसी जगहें इतनी शांत हैं कि लहरों की आवाज़ भी ध्यान में मग्न कर दे।
स्पेशल फैक्ट: गोकर्ण को “शिव का शहर” भी कहा जाता है यहां का महाबलेश्वर मंदिर हजारों साल पुराना है।
3. भीमबेटका, मध्य प्रदेश
क्या कभी सोचा है 30,000 साल पुरानी पेंटिंग्स को अपनी आंखों से देखना कैसा लगेगा?
भीमबेटका की गुफाएं आपको इतिहास और सन्नाटे दोनों से जोड़ती हैं।
यहां का साइलेंस आपको अंदर से झकझोर सकता है एकदम meditative experience
स्पेशल फैक्ट: भीमबेटका की चट्टानों पर बनी चित्रकला दुनिया की सबसे पुरानी रॉक आर्ट्स में गिनी जाती है।
4. लैंसडाउन, उत्तराखंड
पहाड़ों की गोद में बसी ये जगह न ज्यादा फेमस है, न ही ज्यादा भीड़ वाली – और यही इसकी खासियत है।
सुबह-सुबह जंगल की सैर, या बालकनी में बैठकर चाय – लाइफ यहीं थम जाती है।
स्पेशल फैक्ट: यह जगह ब्रिटिश काल में गढ़वाल राइफल्स का प्रमुख सैन्य अड्डा हुआ करती थी और अब भी सैन्य छावनी है।
अकेले चलें या किसी अपने के साथ – शांति की ये यात्रा ज़रूर करें!
इन जगहों पर जाने का मतलब है – कुछ दिन मोबाइल, मीटिंग और मेट्रो से दूरी और खुद से मुलाकात।
कभी-कभी शांति सिर्फ एक जगह नहीं, एक एहसास होती है… और ये जगहें उस एहसास को हकीकत बना देती हैं।





