नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो लोग एक बार कैलाश मानसरोवर यात्रा का हिस्सा बनते हैं, उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है, कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास स्थान माना गया है, यह पर्वत सिर्फ हिंदू ही नहीं, बल्कि बौद्ध, जैन और सिक्ख धर्म के अनुयायियों के लिए भी बहुत पवित्र माना गया है। हिंदू धर्म में कैलाश मानसरोवर यात्रा को बेहद पुण्यदायी माना जाता है। कहते हैं कि जो लोग एक बार इस यात्रा का हिस्सा बनते हैं, उनको मोक्ष की प्राप्ति होती है. वहीं, इस तीर्थयात्रा को लेकर कुछ विशेष नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन करना जरूरी होता है।
बता दे, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो लोग एक बार कैलाश मानसरोवर यात्रा का हिस्सा बनते है, उनको मोक्ष की प्राप्ति होती है, कैलाश मानसरोवर यात्रा बहुत कठिन और पवित्र तीर्थयात्रा मानी गई है, जिसमें शामिल होने से भक्त के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं, अगर आप भी इस यात्रा के पहली बार हिस्सा बनने जा रहे तो आपको इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते है इन विशेष नियम के बारे में।
मानसरोवर यात्रा के नियम
कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान हमें साफ-सफाई और पवित्रता को लेकर खास ध्यान रखना चाहिए
कैलाश यात्रा के दौरान अपने मन में भगवान का नाम जपते रहना चाहिए।
कैलाश यात्रा के दौरान अपने मन को शांत रखना चाहिए
कैलाश यात्रा के दौरान किसी भी झगड़े और वाद-विवाद से बचना चाहिए
कैलाश यात्रा के दौरान भगवान शिव का ध्यान-भजन करते रहना चाहिए
कैलाश यात्रा के दौरान किसी भी व्यक्ति को परेशान नहीं करना चाहिए।
कैलाश यात्रा के दौरान तामसिक चीजों यानी प्याज, लहसून व मसूर की दाल जैसी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए
कैलाश यात्रा के दौरान शारीरिक रूप से स्वस्थ होने पर ही इस यात्रा का हिस्सा बनना चाहिए।
कैलाश यात्रा के दौरान रास्ते बहुत ज्यादा कठिन होते है इसलिए निकलने से पहले अपना मेडिकल चेकअप जरुर करां ले।
इस तीर्थ यात्रा में 18 से 70 साल की उम्र के लोग ही शामिल हो सकते है।
इस तीर्थ यात्रा में सात्विक भोजन का सेवन करना चाहिए
इस तीर्थ यात्रा में किसी भी तरह के बुरे विचार मन में नहीं लाने चाहिए
कैलाश मानसरोवर यात्रा कब से शुरू होगी?
मान्यता है कि जो लोग एक बार इस यात्रा का हिस्सा बनते हैंउनकी सभी इच्छाएं भी पूरी होती है व मोक्ष की प्राप्ति होती है।
करीब पांच साल बाद, एक बार फिर कैलाश मानसरोवर यात्रा इस महीने के 30 जून, 2025 से शुरू होने जा रही है। जो अगस्त 2025 तक चलेगी जिसमें भक्तों की भारी संख्या में भीड़ उमड़ती है।




