गौरी कुंड
मंदाकिनी नदी के तट पर स्थित गौरीकुंड सोनप्रयाग से 6 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। जो समुद्र तल से लगभग 2000 मीटर की ऊंचाई पर है। इस स्थान को मोक्ष और आध्यात्मिक का प्रवेश द्वार माना जाता है। यहां वासुकी गंगा की वजह से नजारा हरियाली भरा रहता है। जिससे यहां आए श्रद्धालु और पर्यटको को सुकून और शांति का अहसास मिलता है।
त्रियुगीनारायण मंदिर
त्रियुगीनारायण एक गांव है जो सोनप्रयाग से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर एक भव्य और खूबसूरत त्रियुगीनारायण मंदिर है। जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहता है। माना जाता है कि इस स्थान पर भगवान शिव और देवी पार्वती को विवाह हुआ था। इस विवाह की सारी व्यवस्था भगवान विष्णु ने पार्वती माता के भाई के रूप में की थी। वहीं भगवान ब्रह्मा एक पुजारी के रूप में मां पार्वती और भगवान शिव का विवाह करवाया था। इसलिए भगवान विष्णु के सम्मान में त्रियुगीनारायण मंदिर बनाया गया था।




