बीजिंग, 27 जून (आईएएनएस)। इस साल 1 जुलाई को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की स्थापना की 100वीं वर्षगांठ है। इस अहम वक्त को मनाने के लिए चीन में सिलसिलेवार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आखिर भारतीय लोगों की नजर में सीपीसी एक कौन-सी पार्टी है। आधुनिक चीन के लिए उस का मुख्य योगदान क्या है और उस का भविष्य कैसा होगा। इन सवालों को लेकर हाल ही में चाइना मीडिया ग्रुप के हिंदी विभाग ने भारतीय प्रतिरक्षा अध्ययन और विश्लेषण संस्थान (आईडीएसए) के चीनी मामले पर मशहूर विशेषज्ञ जगन्नाथ पांडा के साथ एक विशेष साकात्कार किया। पांडा ने बताया कि अगर चीन के इतिहास को समझें, तो चीन को आगे बढ़ाने, राष्ट्रीय सुरक्षा व आर्थिक विकास के लिए सीपीसी का बड़ा योगदान है। वैश्विक राजनीति में वह एक विशेष रूपांतर है और विश्व राजनीति डिफाइन करने में बड़ी भूमिका निभाती है, खासकर अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक क्षेत्रों में मौजूद नॉन-ड्रेमोक्रिटिक मीन्स को पेनीट्रेट करती है। विभिन्न देशों में अलग-अलग तरीके से सीपीसी की भूमिका को देखा जाता है और समझा जाता है, लेकिन चीनी लोगों की दृष्टि में चीन के विकास में सीपीसी का बड़ा योगदान रहा है। वह हमेशा चीन के भविष्य के लिए सोचती है और अपनी प्राथमिकताएं बनाकर रखती है। उदाहरण के लिए सीपीसी के नेतृत्व में चीन में अति गरीबी दूर की गई है और लोगों के जीवन में बड़ा सुधार आया है। पिछले कई दशकों में चीन के आर्थिक कमाल के बारे में पांडा ने बताया कि वर्ष 1978 में चीन के दिवंगत नेता तंग श्याओ पिंग ने सुधार और खुलेपन की नीति लागू की, तब से चीन के आधुनिक निर्माण का नया अध्याय जोड़ा गया। चीन के उद्योग, कृषि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी का विकास तेज पटरी पर चलता रहा। इधर कुछ साल शी चिनफिंग ने जो बेल्ट एंड रोड की पहल की, वह चीन के लिए बहुत फायदेमंद भी है। वह चीन के आर्थिक विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अवश्य इस दौरान चीनी जनता ने बड़ी मेहनत भी की। इसके अलावा शनचन, शांगहाई और क्वांगतुंग जैसे समद्रीय तटीय शहरों व प्रांतों ने बड़ा योगदान भी दिया। अंत में चीन एक आर्थिक ताकत बन कर विश्व में उभरा। सीपीसी की सफलता के मुख्य कारण की चर्चा में पांडा ने बताया कि सीपीसी के नेतागण हमेशा शक्तिशाली रहे हैं। अध्यक्ष माओ से वर्तमान राष्ट्रपति शी चिनफिंग तक वे सब मजबूत नेता हैं। वे एक ही ब्लूप्रिंट के कार्यांवयन में जुटे हैं। पांडा ने बताया कि चीन के सामने कई चुनौतियां भी हैं, जैसे शहर और गांव के बीच मौजूद बड़ा फासला, भ्रष्टाचार और इत्यादि, लेकिन सीपीसी का भविष्य उज्जवल दिखाई दे रहा है। शी का नेतृत्व मजबूत है और पार्टी की बड़ी एकजुटता दिख रही है। सीपीसी और विभिन्न जगतों के संबंध अच्छे हैं। (साभार : चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग) –आईएएनएस एसजीके




