नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। दुनिया के सबसे पॉपुलर मैसेजिंग ऐप्स में शामिल WhatsApp अब अपने करोड़ों यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब तक व्हाट्सऐप पर यूजर्स को किसी भी संख्या में मैसेज भेजने की आज़ादी थी, लेकिन जल्द ही यह सुविधा सीमित हो सकती है। मेटा (Meta) कंपनी अब एक ‘मंथली मैसेज लिमिट सिस्टम’ लागू करने पर विचार कर रही है, जिसके तहत हर यूजर को तय सीमा के भीतर ही मैसेज भेजने की अनुमति होगी।
क्या है व्हाट्सऐप का नया नियम?
अभी तक व्हाट्सऐप पर यूजर्स को जितने चाहें उतने मैसेज भेजने की आज़ादी थी। लेकिन अब कंपनी इस पर लगाम लगाने की तैयारी में है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नया सिस्टम उन मैसेजों को गिनेगा जो आप ऐसे लोगों को भेजते हैं जो रिप्लाई नहीं करते।
उदाहरण के तौर परअगर आपने किसी को दो बार मैसेज भेजा और उसने जवाब नहीं दिया, तो ये दोनों मैसेज आपके मासिक कोटा (Monthly Quota) में गिने जाएंगे।
वहीं, जिन यूजर्स के साथ आपकी बातचीत नियमित रूप से चलती रहती है, या जो आपके मैसेज का जवाब देते हैं, उन पर यह लिमिट लागू नहीं होगी।
इस कदम का उद्देश्य है स्पैम और फर्जी मैसेज पर लगाम लगाना। क्योंकि अक्सर बिजनेस अकाउंट्स, मार्केटिंग कंपनियां, और कई राजनीतिक समूह बड़ी मात्रा में प्रचार संदेश भेजते हैं, जिससे यूजर्स परेशान हो जाते हैं।
कब और कहां से शुरू होगा ट्रायल?
मेटा ने पुष्टि की है कि आने वाले कुछ हफ्तों में यह फीचर कई देशों में ट्रायल के तौर पर शुरू किया जाएगा।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि, हर यूजर के लिए मंथली मैसेज लिमिट कितनी होगी, और भारत में यह नियम कब से लागू किया जाएगा। टेस्टिंग पूरी होने के बाद कंपनी इसे चरणबद्ध तरीके से वैश्विक स्तर पर लागू कर सकती है।
किस पर पड़ेगा असर?
व्हाट्सऐप ने साफ किया है कि इस नियम से आम यूजर्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
यह सिस्टम मुख्य रूप से स्पैम भेजने वाले अकाउंट्स, बिजनेस प्रोफाइल्स, और प्रमोशनल कैंपेन पर लागू होगा।
यानि अगर आप अपने दोस्तों, परिवार या किसी ग्रुप में चैट करते हैं, तो आपकी बातचीत पहले की तरह जारी रहेगी।
लेकिन अगर कोई यूजर बार-बार किसी को मैसेज भेजता है जो जवाब नहीं देता, तो उसके अकाउंट पर लिमिट का असर दिखेगा।
क्यों जरूरी पड़ी लिमिट लगाने की?
व्हाट्सऐप के दुनियाभर में तीन अरब से ज्यादा यूजर्स हैं।
इतने बड़े यूजर बेस के बीच स्पैम मैसेज और फर्जी लिंक का प्रसार एक बड़ी चुनौती बन गया है।
पिछले कुछ सालों में मेटा ने इसके खिलाफ कई कदम उठाए हैं
फॉरवर्ड लिमिट (Forward Limit): एक मैसेज को कितने लोगों तक फॉरवर्ड किया जा सकता है, इसकी सीमा तय की गई।
रिपोर्ट और ब्लॉक टूल: अब किसी भी यूजर या ग्रुप को आसानी से रिपोर्ट या ब्लॉक किया जा सकता है।
प्राइवेसी फीचर: व्हाट्सऐप अब ‘लास्ट सीन’ और ‘ऑनलाइन स्टेटस’ छिपाने का विकल्प भी देता है।
इन सबके बावजूद, स्पैम और फर्जी मैसेज की समस्या बनी हुई है। अब मेटा को उम्मीद है कि मंथली लिमिट सिस्टम लागू होने से इस पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी।
कंपनी का बयान क्या कहता है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेटा के प्रवक्ता ने कहा है, हम यूजर्स की सुरक्षा और उनके चैटिंग अनुभव को प्राथमिकता देते हैं। स्पैम और अवांछित मैसेज को रोकने के लिए हम नए टूल्स और लिमिट्स पर लगातार काम कर रहे हैं। यह बयान इस बात की पुष्टि करता है कि कंपनी नियमित यूजर्स की चैटिंग को प्रभावित किए बिना, केवल अनचाहे मैसेज भेजने वालों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।
कैसे बदलेगा यूजर एक्सपीरियंस?
जब यह सिस्टम पूरी तरह लागू होगा, तो व्हाट्सऐप में एक मैसेज काउंटर जैसा फीचर जोड़ा जा सकता है, जो यूजर्स को बताएगा कि उन्होंने मंथली लिमिट में से कितने मैसेज भेजे हैं। संभावना है कि लिमिट पार होने पर यूजर को चेतावनी या लिमिट एक्ससीडेड का अलर्ट मिलेगा।हालांकि, कंपनी ने अभी इसकी तकनीकी डिटेल साझा नहीं की है।
स्पैम-फ्री व्हाट्सऐप की दिशा में कदम
व्हाट्सऐप लंबे समय से अपने प्लेटफॉर्म को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में काम कर रहा है।पिछले कुछ वर्षों में ऐप पर पॉलिटिकल प्रचार, फर्जी स्कीमें और फेक न्यूज के जरिए यूजर्स को भ्रमित करने की घटनाएं बढ़ी हैं।अब मेटा का यह नया कदम इस दिशा में एक और मजबूत प्रयास माना जा रहा है।
व्हाट्सऐप अब हर किसी को अनलिमिटेड मैसेज भेजने की आज़ादी खत्म करने जा रहा है।
मेटा स्पैम रोकने के लिए रिप्लाई न करने वाले यूजर्स को भेजे गए मैसेज पर मंथली लिमिट लागू करने की तैयारी में है, जिससे प्लेटफॉर्म और सुरक्षित बन सकेगा।





