नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आज के डिजिटल युग में ब्राउजर एक्सटेंशन हमारी इंटरनेट लाइफ को आसान और तेज़ बनाते हैं। चाहे वह एड-ब्लॉकर हो, पासवर्ड मैनेजर हो, या कोई उत्पादकता (Productivity) टूल हो, एक्सटेंशन हर काम को सुविधाजनक बनाते हैं। लेकिन हाल ही में सामने आई रिपोर्ट के अनुसार लगभग 40 लाख यूजर्स ऐसे मैलवेयर वाले एक्सटेंशन से प्रभावित हुए हैं, जो उनके डेटा और प्राइवेसी के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।
बैकग्राउंड में मैलवेयर चला सकते हैं
अधिकांश लोग एक्सटेंशन को सिर्फ एक उपयोगी टूल समझकर बिना सोच-विचार इंस्टॉल कर लेते हैं। लेकिन कुछ दुर्भावनापूर्ण (Malicious) एक्सटेंशन बैकग्राउंड में मैलवेयर चला सकते हैं। ये मैलवेयर संवेदनशील जानकारी जैसे ब्राउज़िंग डेटा, पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड जानकारी चुरा सकते हैं। इसके अलावा, कभी-कभी ये आपके कंप्यूटर या मोबाइल को धीमा कर देते हैं और लगातार पॉप-अप या विज्ञापन दिखाकर ब्राउज़िंग बाधित कर सकते हैं।
मैलवेयर वाले एक्सटेंशन
मैलवेयर वाले एक्सटेंशन के कुछ सामान्य लक्षण हैं: इंस्टॉल करने के तुरंत बाद ब्राउज़र की स्पीड धीमी होना, बिना अनुमति पॉप-अप और रीडायरेक्शन, अचानक पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी मांगना, और बहुत कम डाउनलोड या नई/अज्ञात डेवलपर प्रोफाइल वाले एक्सटेंशन।
इंस्टॉल करने से पहले रिव्यू, रेटिंग डाउनलोड संख्या जरूर देखें
अपने डेटा और प्राइवेसी को सुरक्षित रखने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाना चाहिए। हमेशा केवल विश्वसनीय सोर्स से एक्सटेंशन डाउनलोड करें, जैसे Google Chrome Web Store या Mozilla Add-ons। इंस्टॉल करने से पहले रिव्यू, रेटिंग और डाउनलोड संख्या जरूर देखें। जिन एक्सटेंशन का उपयोग आप नहीं करते, उन्हें तुरंत डिसेबल या अनइंस्टॉल कर दें। अपने ब्राउज़र और एंटीवायरस को अपडेट रखें और समय-समय पर एक्सटेंशन की अनुमतियों और एक्टिविटी मॉनिटर करते रहें। इसके अलावा, पासवर्ड मैनेजर और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का इस्तेमाल करके अपनी डिजिटल सुरक्षा को और मजबूत बनाया जा सकता है।
ब्राउजर एक्सटेंशन
ब्राउजर एक्सटेंशन हमारी ऑनलाइन लाइफ को आसान बनाते हैं, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी आती है। बिना सावधानी के डाउनलोड किए गए एक्सटेंशन आपके डेटा और प्राइवेसी के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। इसलिए हमेशा भरोसेमंद एक्सटेंशन चुनें और समय-समय पर अपने इंस्टॉल किए गए एक्सटेंशन की समीक्षा करते रहें।




