नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गर्म होने लगा है। सत्तारूढ़ गठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर खींचतान की खबरों के बीच DMK ने बड़ा कदम उठाते हुए जल्द ही एक कमेटी बनाने का ऐलान किया है, जो सहयोगी दलों के साथ बातचीत करेगी।
कांग्रेस की नाराजगी के बाद आया DMK का फैसला
DMK की ओर से यह घोषणा तब की गई जब कांग्रेस ने सीट शेयरिंग पर बातचीत में देरी को लेकर नाराजगी जताई। कांग्रेस का कहना था कि उसने बातचीत शुरू कर दी है, लेकिन DMK ने अभी तक अपनी तरफ से कोई आधिकारिक पैनल नहीं बनाया था। पार्टी मुख्यालय अन्ना अरिवालयम से जारी बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री और DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन जल्द ही सीट शेयरिंग कमेटी का गठन करेंगे। विधानसभा सत्र खत्म होने के बाद 22 फरवरी से यह कमेटी गठबंधन सहयोगियों के साथ सीटों को लेकर चर्चा शुरू करेगी।
कांग्रेस ने जताई थी देरी पर चिंता
तमिलनाडु और पुडुचेरी के कांग्रेस प्रभारी गिरीश चोडणकर ने कमेटी गठन में हो रही देरी पर चिंता जताई थी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस की 5 सदस्यीय टीम दिसंबर 2025 में ही स्टालिन से मिल चुकी है और तब से पार्टी बातचीत शुरू होने का इंतजार कर रही है।
‘नेता पूछ रहे, बातचीत क्यों नहीं हो रही’
चोडणकर ने कहा कि कांग्रेस के नेता लगातार पूछ रहे हैं कि सीट शेयरिंग पर बातचीत कब शुरू होगी। उनके मुताबिक चुनाव की तैयारी के लिए जल्द सीटों की संख्या और चुनाव क्षेत्रों को तय करना जरूरी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से पहले सीट शेयरिंग को लेकर स्पष्टता आने से गठबंधन की एकजुटता मजबूत होगी। अब सबकी नजर DMK द्वारा बनाई जाने वाली कमेटी और 22 फरवरी से शुरू होने वाली बातचीत पर टिकी है।





