नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के रूप में नैनार नागेंद्रन को चुना है। AIDMK से अलग हुए नैनार नागेंद्रन तमिलनाडु भाजपा के 13वें अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने के लिए तैयार हैं। वे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई की जगह लेंगे। बताया जा रहा है कि वे इस पद के लिए एकमात्र दावेदार थे, क्योंकि केवल उन्होंने ही इस पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। अन्नामलई ने उनके नाम का प्रस्ताव किया और बाकी नेताओं ने उनका अनुमोदन किया। जिसे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने भी मंजूरी दे दी।
तमिलनाडु में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसमें भाजपा द्रविड़ राजनीति के वर्चस्व वाले राज्य में पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। नैनार नागेंद्रन के लिए पार्टी को चुनावों में ले जाना एक कठिन काम होगा, जो राज्य में राजनीति का भविष्य तय कर सकता है। वहीं, पूर्व अध्यक्ष अन्नामलई तमिलनाडु बीजेपी का प्रमुख चेहरा रहे हैं। माना जा रहा है कि अब उन्हें पार्टी के भीतर दूसरी जिम्मेदारी मिल सकती हैं। अन्नामलई ने ही नागेंद्रन का नाम सुझाया था। उन्होंने नागेंद्रन के अनुभव और संगठनात्मक क्षमता की सराहना करते हुए उन्हें एक योग्य उत्तराधिकारी बताया।
नैनार नागेंद्रन कौन हैं?
नैनार नागेंद्रन तमिलनाडु राज्य में भाजपा विधायक दल के प्रमुख हैं। वे 2001 से 2006 तक AIADMK सरकार में मंत्री भी रहे। 16 अक्टूबर, 1960 को वदिवेस्वरम में जन्मे नागेंद्रन ने जे जयललिता के नेतृत्व वाली AIADMK के साथ अपना करियर शुरू किया, जो तिरुनेलवेली निर्वाचन क्षेत्र से विधान सभा के सदस्य के रूप में कार्यरत थे। 2001 से 2006 तक जयललिता के मुख्यमंत्री रहने के दौरान वे कैबिनेट मंत्री बने और बिजली, उद्योग और परिवहन विभाग संभाला। 2011 में जब AIADMK सत्ता में वापस आई तो नागेंद्रन को कैबिनेट से बाहर कर दिया गया और जयललिता की मृत्यु के तुरंत बाद 2017 में वे पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए।
विवादों में भी घिरे रहे नागेंद्रन
नैनार नागेंद्रन 2020 से तमिलनाडु भाजपा के उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे और तिरुनेलवेली निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के टिकट पर 2021 का विधानसभा चुनाव जीते। नैनार नागेंद्रन विवादों में घिरे रहे हैं। 2006 में एक जांच में पता चला कि मंत्री रहते हुए उनके पास आय से अधिक संपत्ति थी। सतर्कता निदेशालय ने 2010 में 3.9 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति के मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत उनके, उनकी पत्नी और चार अन्य रिश्तेदारों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। नैनार नागेंद्रन पर जनवरी 2018 में प्रशंसित तमिल गीतकार और लेखक वैरामुथु पर उनकी विवादास्पद टिप्पणी के लिए जान से मारने की धमकी भेजने का भी आरोप था। उन्होंने यह भी कहा था कि ‘हिंदू धर्म के बारे में बुरा बोलने वालों’ को मारने में ‘कोई हिचकिचाहट’ नहीं होनी चाहिए।





