नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। भारतीय रेसलर विनेश फोगाट ने पेरिस ओलंपिक्स में डिस्क्वालिफिकेशन को लेकर CAS में अपील की है। उन्होंने कहा है कि उन्हें या तो गोल्ड मेडल के लिए खेलने का मौका दिया जाए या फिर जॉइंट सिल्वर मेडल दिया जाए। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि CAS अपना फैसला गुरुवार को ही सुना देगा।
क्या है CAS, जानिए कैसे करता है काम
द कोर्ट फॉर आर्बिटरेशन फॉर स्पोर्ट की स्थापना 1984 में की गई थी। यह एक स्वतंत्र संस्था है जो खेल से जुड़े मुद्दों पर मिडिएशन के जरिए मुद्दों को सुलझाता है। ऐसी संस्था है जिसकी फंडिंग और संचालन इंटरनेशनल काउंसिल फॉर आर्ब्रिट्रेशन फॉर स्पोर्ट करती है। आपको बता दें कि इसी बीच विनेश फोगाट ने गुरुवार को कुश्ती से सन्यास लेने की घोषणा की थी।
तुम नहीं हारीं, हर वो बेटी हारी है जिसके लिए तुम लड़ीं और जीतीं : साक्षी मलिक
उनके सन्यास लेने की घोषणा करने के बाद साक्षी मलिक की प्रतिक्रिया सामने आई है। साक्षी ने कहा, ‘तुम नहीं हारीं, हर वो बेटी हारी है जिसके लिए तुम लड़ीं और जीतीं।’ वहीं दूसरी तरफ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि विनेश का स्वागत वैसे ही होगा जैसे एक गोल्ड मेडलिस्ट का होता है।
विनेश आप हारी नहीं, हराया गया है: बजरंग पूनिया
ओलंपिक मेडलिस्ट बजरंग पूनिया ने लिखा, ‘विनेश आप हारी नहीं, हराया गया है। हमारे लिए आप सदैव विजेता ही रहेंगी। आप भारत की बेटी होने के साथ-साथ भारत का अभिमान भी हो।’
हमारी सरकार ने ये फैसला किया है कि विनेश फौगाट का स्वागत और अभिनंदन एक मेडलिस्ट की तरह ही किया जाएगा ।हरियाणा सरकार ओलंपिक रजत पदक विजेता को जो सम्मान, ईनाम और सुविधाएँ देती है वे सभी विनेश फौगाट को भी कृतज्ञता पूर्वक दी जायेंगी। हमें आप पर गर्व है विनेश !
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