UCC: उत्तराखंड में लागू होने जा रहे समान नागरिक संहिता में सख्त प्रावधान, उल्लंघन पर छिन सकता है वोटिंग का हक

यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर कुछ बातें सामने आई हैं, इसमें बताया गया है कि इस कानून के तहत क्या-क्या होगा और इसका उल्लंघन करने पर कौन से अधिकार छीन जाएंगे।
pushkar singh dhami
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नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आगामी लोकसभा चुनाव से पहले समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर चर्चा तेज हो गई है। भाजपा शासित प्रदेशों में इसको लेकर खूब चर्चा है। इसी बीच उत्तराखंड देश का ऐसा पहला प्रदेश बनने जा रहा है, जहां पर यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बात की घोषणा किया है। अब यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर कुछ बातें सामने आई हैं, इसमें बताया गया है कि इस कानून के तहत क्या-क्या होगा और इसका उल्लंघन करने पर कौन से अधिकार छीन जाएंगे।

जनसंख्या नियंत्रण भी शामिल

खबरों के मुताबिक उत्तराखंड में लागू होने जा रहे यूनिफार्म सिविल कोड में जनसंख्या नियंत्रण भी शामिल है। समवर्ती सूची की एंट्री 20A के आधार पर इसको शामिल किया जाएगा। इसमें जनसंख्या नियंत्रण के साथ फैमिली प्लानिंग भी शामिल है। इसको यूनिफॉर्म सिविल कोड में संसद में पेश किए गए Responsible Parenthood bill 2018 के आधार पर शामिल किया जा रहा है।

उल्लंघन पर छीन लिए जाएंगे ये अधिकार

इस कानून के तहत जो नियम सामने आए हैं, वो बहुत सख्त हैं। इस बिल के अनुसार दो बच्चों के नियम का उल्लंघन करने वाले लोगों के वोट डालने का अधिकार छीन लिया जाएगा। इसके साथ ही सरकारी सुविधाओं का अधिकार भी छीना जा सकता है। तेजी से बदलती उत्तराखंड की डेमोग्राफी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। 

मुख्यमंत्री धामी ने किया ऐलान

उत्तराखंड में भाजपा ने यूनिफॉर्म सिविल कोड को अपने चुनावी घोषणापत्र में शामिल किया थ, सरकार बनने के बाद इस पर काम शुरू हो गया था। अब मुख्यमंत्री धामी ने बताया है कि जल्द ही इसे लागू किया जा सकता है। राजधानी देहरादून में आयोजित “प्रबुद्धजन सम्मेलन” में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ये ऐलान किया। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी यूसीसी को बेहतर समाज और राष्ट्र के लिए जरूरी बताया।

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