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खाने की थाली में आधा भोजन व आधा फल होना चाहिये, तांबे के बर्तन में पिए पानी- डाॅ. पल्टा

दुर्ग ,5 मई(हि. स.) । हमारे दैनिक भोजन की थाली में आधा भोजन तथा आधा फल होना चाहिये। इससे हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। ये उद्गार हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की कुलपति डाॅ. अरूणा पल्टा ने आज व्यक्त किये। डाॅ. पल्टा ने कहा कि प्रातः का नाश्ता राजा की तरह प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, मिनरल्स, जूस, शुष्क मेवे आदि से युक्त होना चाहिये। दोपहर का भोजन एक सामान्य आदमी की तरह चपाती, दाल, चावल, हरी सब्जी, सलाद आदि से पूर्ण होना चाहिये। रात्रि का भोजन हमें काफी हल्का लेना चाहिये। विचारकों एवं आहार विशेषज्ञों ने रात्रि के खाने की तुलना मांगने वाले व्यक्तियों के भोजन से की है। डाॅ. अरूणा पल्टा देश भर की जानी मानी आहार एवं पोषण विशेषज्ञ हैं। हमेशा तांबे के बर्तन में रखे पानी का सेवन करना चाहिये। यदि उस बर्तन में हम चांदी का सिक्का डाल दें अथवा चांदी के गिलास में पानी लेकर पियें तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी रहेगा। डाॅ. पल्टा के अनुसार हमें संतरा, नीबू, आवंला आदि विटामिन सी युक्त फलों का ज्यादा सेवन करना चाहिये। हमारे पाचन तंत्र में अल्कालाईन अथवा क्षारीय पदार्थों की उपस्थिति लाभप्रद होती है। सेव, अनार, नाशपाती, अनानास, आदि इस लाभकारी फलों की श्रेणी में आते हैं। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलगीत प्रस्तुतिकरण तथा कोरोना गीत के प्रस्तुतिकरण के साथ आरंभ में विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव ने व्याख्यान की विषय वस्तु तथा कोविड- 19 संक्रमण काल पर प्रकाश डाला। डाॅ. पल्टा ने कहा कि हमें सदैव प्रातः जल्दी उठने का प्रयास करना चाहिये। प्रत्येक मनुष्य में एक जैविक घड़ी होती है उसी के अनुसार उसकी दिनचर्या निर्धारित होती है। युवाओं द्वारा देर रात्रि जागरण पर बोलते हुए डाॅ. पल्टा ने कहा कि रात्रि 11 बजे से 3 बजे के मध्य हमारा लीवर दिन भर शरीर में प्रवेश किये हुए हानिकारक तत्वों को फिल्टर कर पृथक करने कार्य करता है। यदि आप 12 या 1 बजे रात्रि को सोयेंगे तो लीवर को हानिकारक तत्वों को पृथ्ककरण का अवसर नहीं मिलेगा। डाॅ. पल्टा ने लहसुन, नीबू, अदरक, दालचीनी, हरी घनिया, सोंठ, काली मिर्च सौंफ, लौंग, इलायची, को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। गिलोय का सेवन तथा प्रतिदिन गर्म पानी का सेवन नमक -हल्दी डालकर गरारे करना तथा भाप को नियमित रूप से लेना को डाॅ. पल्टा ने अपनी दिनचर्या में शामिल करे। हिन्दुस्थान समाचार./अभय जवादे

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