भूपेश सरकार विस्थापन और मुआवजे को लेकर चर्चा तक नहीं कर रही है आदिवासियों की हितैषी बनने का ढोंग करने वाली कांग्रेस सरकार आदिवासियों की हत्या कर रही है सुकमा,18 जून (हि.स.)। जिले के दो दिवसीय कोंट प्रवास पर पंहुचे भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने शुक्रवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि पोलावरम बांध का निर्माण जारी है, बांध के निर्मााण के बाद कोंटा और ढोंढरा के कई गांव पूरी तरह से डूबान में आ जायेगा। जिसे लेकर प्रभावित होने वाले आदिवासियों के प्रति प्रदेश सरकार गंभीर नहीं है। छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार न विस्थापन पर बात कर रही है और न ही मुआवजे को लेकर चर्चा कर रही है। सरकार पूरी तरह निष्क्रिय हो गई है। कोंटा रेस्ट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कश्यप ने कहा कि पोलावरम को लेकर प्रदेश सरकार सोई हुई है। जबकि सीमावर्ती राज्यों में सर्वे का काम शुरू हो चुका है। राज्य सरकार के किसी भी प्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी ने अब तक कोंटा आकर इसे समझने का प्रयास तक नहीं किया है। पोलावरम बांध से जिले का कोंटा क्षेत्र जलमग्न हो जायेगा। विस्थापन और मुआवजे को लेकर सरकार की स्पष्ट नीति नजर नहीं आ रही है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि एक एकड़ जमीन का मुआवजा 20 लाख रुपया दिया जाए। केदार कश्यप ने सिलगेर में विरोध प्रदर्शन कर रहे आदिवासियों पर फायरिंग किये जाने की घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि आदिवासियों की हितैषी बनने का ढोंग करने वाली कांग्रेस की सरकार आदिवासियों की हत्या कर रही है। निर्दोष आदिवासियोंं की हत्या के बाद सरकार उन्हें नक्सली बताती है। मामले की सत्यता जांचने भाजपा प्रतिनिधिमण्डल को मौके पर जाने से रोक दिया गया। सिलगेर की घटना पर कांग्रेसी चुप्पी साधकर बैठे हैं। हिन्दुस्थान समाचार/राकेश पांडे





