नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 में भारत-पाकिस्तान मैच कुछ दिन पहले खेला गया था, लेकिन इसका एक विवाद अभी भी सुर्खियों में बना हुआ है। मैच के दौरान या बाद में उठे सवाल और विवाद ने सोशल मीडिया और क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
मैच के दौरान पाकिस्तान की सलामी बल्लेबाज मुनीबा अली के रनआउट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने भारत पर “स्पिरिट ऑफ द गेम” के खिलाफ खेलने का आरोप लगाया, जिससे मैच के निष्पक्षता और खेल भावना पर बहस तेज हो गई।
अब इस मामले में MCC (मेरिलबोन क्रिकेट क्लब) ने आधिकारिक बयान जारी किया है और मुनीबा अली के रनआउट को सही ठहराते हुए कहा कि यह पूरी तरह नियमों के अनुसार हुआ। MCC के इस फैसले ने विवाद को शांत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
क्या था पूरा मामला?
5 अक्टूबर को खेले गए भारत-पाकिस्तान मुकाबले में भारतीय टीम ने 88 रनों से शानदार जीत हासिल की। हालांकि, मैच के चौथे ओवर में हुई एक घटना ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई।
पाकिस्तानी बल्लेबाज मुनीबा अली LBW से बचने के बाद जैसे ही आगे बढ़ीं, भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने तेज़ी दिखाते हुए गेंद सीधे स्टंप्स पर मारी। थर्ड अंपायर के रिप्ले में पाया गया कि मुनीबा का बल्ला क्रीज के अंदर था, लेकिन गेंद लगने के समय वह हवा में उठा हुआ था। इसी वजह से उन्हें रन आउट करार दिया गया।
पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना ने जताया था विरोध
पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना खान ने मैच के बाद रनआउट के फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मुनीबा रन लेने की कोशिश भी नहीं कर रही थीं और उनका बल्ला पहले ही क्रीज में था। सोशल मीडिया पर भी कई पाकिस्तानी फैंस ने अंपायरिंग पर सवाल उठाए और भारत पर “अनफेयर प्ले” (Unfair Play) का आरोप लगाया।
इस पूरे विवाद पर MCC ने दिया जवाब
अब इस विवाद पर क्रिकेट के नियम बनाने वाली संस्था MCC ने स्पष्ट राय दी है। MCC ने कहा कि थर्ड अंपायर का फैसला पूरी तरह सही था और नियमों के खिलाफ नहीं था।
उन्होंने रूल 30.1.2 का हवाला देते हुए बताया कि यह नियम केवल तब लागू होता है जब बल्लेबाज दौड़ रहा हो या डाइव कर रहा हो; अन्य स्थितियों में क्रीज से बल्ला हवा में होने पर रन आउट सही है।
मुनीबा अली उस समय न तो दौड़ रही थीं और न ही डाइव कर रही थीं; वह बस आगे बढ़ी थीं। गेंद लगने के समय उनका बल्ला हवा में था, इसलिए “बाउंसिंग बैट” का नियम उन पर लागू नहीं होता और उनका रन आउट सही था।
भारत पर नहीं लगा कोई आरोप
MCC के स्पष्टीकरण के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि भारत या दीप्ति शर्मा ने किसी भी तरह की बेईमानी नहीं की। थर्ड अंपायर ने नियमों के अनुसार सही फैसला दिया था, और इस विवाद पर अब पूरी तरह से विराम लग गया है।





