नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली की तबीयत एक बार फिर बिगड़ गई है। उनके छोटे भाई वीरेन्द्र कांबली (वीरू कांबली) ने एक इंटरव्यू में यह जानकारी दी और भाई के बेहतर स्वास्थ्य के लिए लोगों से दुआ की अपील की है। भावुक होते हुए वीरू ने कहा, “मेरे दादा (विनोद) के लिए दुआ करना, वे जल्द ठीक हो जाएं।” वीरू कांबली ने इस बातचीत में विनोद के क्रिकेट करियर की शुरुआत, उनकी प्रतिभा, और मैदान पर उनके यादगार लम्हों को भी याद किया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि एक दौर में विनोद कांबली कुछ गलत आदतों और चमक-दमक भरी जिंदगी में उलझ गए थे, जिसने उनके करियर पर गहरा असर डाला।
स्वास्थ्य को लेकर वीरू ने बताया कि 53 वर्षीय विनोद कांबली पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे हैं। अक्टूबर 2024 में उन्हें यूरिनरी इंफेक्शन हुआ था। शुरुआती इलाज के बाद वे ठीक हो गए थे, लेकिन दिसंबर में फिर से हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। एमआरआई स्कैन में उनके दिमाग में एक क्लॉट (थक्का) की जानकारी सामने आई थी। इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी तो मिल गई, लेकिन उनकी तबीयत अब भी पूरी तरह से सामान्य नहीं है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
“वो फिर दौड़ेंगे…” – वीरू कांबली
पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली की तबीयत को लेकर ताजा जानकारी सामने आई है। लंबे इलाज के बाद अब उनकी हालत पहले से बेहतर है, लेकिन वह अभी भी पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हुए हैं। उनके छोटे भाई वीरेंद्र कांबली ने बताया कि विनोद फिलहाल बांद्रा स्थित अपने घर पर हैं और रिकवरी की प्रक्रिया में हैं। वीरू ने कहा, “वो अभी घर पर हैं। हालत थोड़ी स्थिर है, लेकिन इलाज अभी चल रहा है। उन्हें बोलने और चलने-फिरने में परेशानी हो रही है, लेकिन हम सबको उम्मीद है कि वो जल्द ठीक होंगे।” भावुक होते हुए उन्होंने आगे कहा, “वो एक चैंपियन हैं। मैं चाहता हूं कि लोग उन्हें फिर से मैदान पर देखें, चलते, दौड़ते और मुस्कुराते हुए। मुझे उन पर पूरा भरोसा है।”
विनोद कांबली की सेहत को क्या हुआ था?
विनोद कांबली की सेहत को लेकर वीरेंद्र कांबली ने बताया कि कुछ समय पहले विनोद को चलने-फिरने में परेशानी होने लगी थी, जिसके बाद उन्हें 10 दिनों के लिए रिहैबिलिटेशन (Rehab) सेंटर में भर्ती कराया गया। इस दौरान उनका पूरा मेडिकल चेकअप किया गया, जिसमें ब्रेन स्कैन और यूरिन टेस्ट भी शामिल थे। राहत की बात यह रही कि सभी रिपोर्ट्स सामान्य आईं और कोई गंभीर समस्या नहीं पाई गई। हालांकि, चलने में दिक्कत को देखते हुए डॉक्टरों ने फिजियोथेरेपी जारी रखने की सलाह दी है। वीरेंद्र ने कहा कि उन्हें अभी भी बोलने में थोड़ी लड़खड़ाहट होती है, लेकिन हालत धीरे-धीरे बेहतर हो रही है। उन्होंने सभी प्रशंसकों से अपील की कि वे विनोद कांबली के लिए दुआ करें और उन्हें अपना प्यार और समर्थन देते रहें।
चार भाइयों का परिवार
विनोद कांबली के छोटे भाई वीरेंद्र कांबली ने बताया कि उनके परिवार में कुल चार भाई हैं। विनोद कांबली, वीरेंद्र कांबली, विकास कांबली और विद्याधर कांबली। वीरेंद्र ने यह भी साझा किया कि उन्होंने भी अपने बड़े भाई की तरह क्रिकेटर बनने का सपना देखा था। हालांकि, वह अपने करियर को आगे नहीं बढ़ा सके। वहीं विनोद कांबली ने भारतीय क्रिकेट में अपनी खास पहचान बनाई और लंबे समय तक चर्चा में रहे।
कांबली के माता-पिता का था ये सपना
वीरेंद्र कांबली ने भाई विनोद की सेहत के अलावा उनके बचपन और पारिवारिक सपनों को भी याद किया। वीरू ने बताया कि उनके माता-पिता हमेशा चाहते थे कि विनोद क्रिकेट में आगे बढ़ें और देश के लिए खेलें और उन्होंने अपने माता-पिता की उस उम्मीद को पूरा भी किया। वीरू ने शेन वॉर्न के एक ओवर में विनोद द्वारा बनाए गए 22 रन और 1996 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल जैसे यादगार लम्हों को भी भावुक होकर याद किया। आज वीरेंद्र कांबली खुद मुंबई में एक क्रिकेट एकेडमी चला रहे हैं, जहां वे नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। उनका सपना है कि इस एकेडमी से निकलकर कई खिलाड़ी बड़े मुकाम हासिल करें और देश का नाम रोशन करें।




