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विजय हजारे ट्रॉफी : पृथ्वी शॉ पर होंगी सभी की नजरें

नई दिल्ली, 13 मार्च (हि.स.)। विजय हजारे ट्रॉफी के खिताबी मुकाबले में रविवार को मुंबई का सामना उत्तर प्रदेश से होगा। इस मुकाबले में राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान मुंबई के सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ के प्रदर्शन पर रहेगा। शॉ ने टूर्नामेंट में 754 रन बनाए हैं, जिसमें उन्होंने चार बड़ी शतकीय पारी (105 नाबाद, 227 नाबाद, 185 नाबाद और 165 रन ) खेली। अपनी इन पारियों की बदौलत शॉ ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की एकदिनी श्रृंखला के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी है। यदि रोहित शर्मा को एकदिनी श्रृंखला के लिए आराम दिया जाता है तो शॉ को मौका मिल सकता है। 21 वर्षीय शॉ ने निश्चित रूप से अपने ऑन और ऑफ-फील्ड सबक को अच्छी तरह से सीखा है,जिसे उन्होंने नेशनल वन डे चैंपियनशिप के दौरान दिखाया भी है। घरेलू स्तर पर शॉ के प्रदर्शन को देखते हुए राष्ट्रीय चयनकर्ताओं के लिए उन्हें राष्ट्रीय टीम से बाहर रखना मुश्किल होगा। दूसरी तरफ कोच ज्ञानेंद्र पांडे के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया है। यूपी के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज यश दयाल गेंद को अंदर लाने में माहिर हैं और यह देखना दिलचस्प होगा कि शॉ इनस्विंग गेंदों को कैसे खेलते हैं। शॉ के बैकअप के लिए मुंबई के अन्य बल्लेबाजों को भी अपनी भूमिका निभानी होगी। चाहे वह यशस्वी जायसवाल हों, सरफराज खान हों, अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज आदित्य तारे हों, ऑलराउंडर शम्स मुलानी हों या फिर शिवम दूबे हों।यदि पारी की शुरुआत में शॉ विफल होते हैं तो इन बल्लेबाजों को आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेनी होगी। अनुभवी तेज गेंदबाज धवल कुलकर्णी (14 विकेट) की अगुवाई में मुंबई के गेंदबाजों के प्रदर्शन शानदार रहा है। धवल के अलावा तुषार देशपांडे, प्रशांत सोलंकी, तनुश कोटियन और शम्स मुलानी ने टूर्नामेंट में बेहतर किया है। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश ने गुजरात को पांच विकेट से हराकर तीसरी बार फाइनल में जगह बनाई। यूपी के लिए अनुभवी अक्षदीप नाथ के साथ-साथ कप्तान करण (225 रन) और विकेटकीपर उपेंद्र यादव (276 रन) की भूमिका अहम होगी। यूपी के सलामी बल्लेबाज अभिषेक गोस्वामी (187 रन) और माधव कौशिक को भी एक मजबूत शुरुआत देने की आवश्यकता होगी। मुंबई, जिसने टूर्नामेंट को तीन बार जीता है, चौथी बार खिताब की ओर देख रही है। वहीं,दूसरी ओर, यूपी अपना तीसरा फाइनल खेलेगी। वर्ष 2004-05 में तमिलनाडु के साथ ट्रॉफी साझा करने के बाद यूपी की नजरें अपने दूसरे खिताब पर होंगी। हिन्दुस्थान समाचार/सुनील

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