नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जब से भारतीय पहलवानों ने तत्कालीन WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर शोषण के आरोप लगाए हैं तब से भारतीय कुश्ती महासंघ चाहे अनचाहे कारणों से चर्चा में है। ताजा मामला यूनाईटेड वर्ल्ड रेसलिंग बनाम भारतीय कुश्ती महासंघ का है। यूनाईटेड वर्ल्ड रेसलिंग के प्रेसिडेंट नेनाद लालोविक ने भारतीय कुश्ती महासंघ को धमकी देते हुए कहा है कि महासंघ में राजनीतिक हस्तक्षेप बंद हो वर्ना भारतीय कुश्ती महासंघ को कुश्ती से सस्पेंड कर दिया जाएगा। जल्द से जल्द महासंघ को राजनीति से मुक्त करें।
UWW प्रेसिडेंट नेनाद लालोविक का WFI अध्यक्ष को पत्र
साल 2023 में भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव कराए गए थे जिसके बाद संजय सिंह को महासंघ का अध्यक्ष चुना गया था। इसके बाद विरोधरत पहलवानों ने संजय सिंह पर भी बृजभूषण के करीबी होने का आरोप लगाया जिसके बाद कुश्ती महासंघ को भंग कर दिया गया। मामला कोर्ट तक पहुच गया। सत्यव्रत कादयान ने भी महासंघ पर सवालिया निशान खड़े करते हुए दिल्ली की अदालत में पहुंचे। इस हस्तक्षेप ने UWW का ध्यान खीचां और WFI अध्यक्ष संजय सिंह को पत्र लिखकर प्रेसिडेंट ने कहा कि WFI को अपनी स्वायत्ता बरकरार रखनी चाहिए। राजनीतिक हस्तक्षेप तुरंत बंद होना चाहिए। सिवाय राष्ट्रीय महासंघों को सार्वजनिक अनुदान के उपयोग के नियंत्रण से संबंधित मामलों को छोड़कर हम किसी भी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करेंगे। अगर राजनीतिकरण जारी रहता है तो हम कार्यवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं।
…तो भारतीय पहलवान कुश्ती नहीं कर सकेंगे
UWW प्रेसिडेंट नेनाद लालोविक ने पत्र मे इस बात का जिक्र भी किया की अगर भारतीय कुश्ती महासंघ का राजनीतिकरण बंद नहीं हुआ तो हम भारतीय कुश्ती महासंघ को सस्पेंड करने पर विचार कर सकते हैं। इसका भारतीय पहलवानों पर ये असर हो सकता है कि ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स और वर्ल्ड चैम्पियनशिपर खेलने की तैयारी में जुटे हुए हैं।





