सबसे 'कंजूस' क्रिकेटर, लगातार 21 ओवर मेडन फेंके, 60 साल में कोई खिलाड़ी नहीं तोड़ सका बापू नादकर्णी का रिकॉर्ड

Today History of Cricket:क्रिकेट के इतिहास में आज का दिन बेहद खास है। 60 साल पहले इसी दिन टेस्ट क्रिकेट का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना था, जिसे टीम इंडिया के खिलाड़ी बापू नादकर्णी ने बनाया था।
दिवंगत बापू नादकर्णी, जिन्होंने एक टेस्ट मैच में लगातार 21 ओवर मेडन फेंके थे।
दिवंगत बापू नादकर्णी, जिन्होंने एक टेस्ट मैच में लगातार 21 ओवर मेडन फेंके थे। रफ्तार।

नई दिल्ली, रफ्तार। क्रिकेट के इतिहास में आज का दिन बेहद खास है। 60 साल पहले इसी दिन टेस्ट क्रिकेट का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना था, जिसे टीम इंडिया के खिलाड़ी बापू नादकर्णी ने बनाया था। बापू नादकर्णी ने एक टेस्ट में लगातार 131 गेंदों पर एक भी रन नहीं दिया था। उन्हें सबसे 'कंजूस' गेंदबाज के तौर पर याद किया जाता है।

इंग्लैंड को रन के लिए तरसाया था

बापू नादकर्णी ने 12 जनवरी 1964 को यह कारनामा किया था। उन्होंने अंग्रेजों को रन के लिए तरसाया था। अपनी लेफ्ट आर्म स्पिन गेंदबाजी की बदौलत 1964 में तत्कालीन मद्रास (चेन्नई) के कॉरपोरेशन स्टेडियम में इंग्लैंड टीम को रन के लिए तरसाया था। इस टेस्ट मैच में उन्होंने एक के बाद एक 131 गेंदें फेंकीं, जिन पर एक रन नहीं बना था। उन्होंने 32 ओवरों में 27 मेडन फेंके, जिनमें लगातार 21 मेडन ओवर (6 गेंदों का एक ओवर) थे। सिर्फ 5 रन दिए थे। उनका गेंदबाजी विश्लेषण रहा-32-27-5-0।

नेट्स पर सिक्का रखकर करते थे गेंदबाजी

उनकी खासियत थी कि वह नेट्स पर सिक्का रखकर गेंदबाजी करते थे। उनकी बाएं हाथ की फिरकी इतनी सधी थी कि गेंद उसी जगह गिरती थी। बापू की टेस्ट कॅरियर में 1.67 रन प्रति ओवर की इकोनॉमी रही। उन्होंने 41 टेस्ट खेले, जिनमें 9165 गेंदों पर 2559 रन दिए। 88 विकेट झटके।

कमाल के बल्लेबाज और फील्डर भी थे

बापू गेंदबाजी के अलावा बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण में भी कमाल थे। उन्होंने इंग्लैंड के विरुद्ध 1963-64 सीरीज में कानपुर में नाबाद 122 रन बनाकर टीम इंडिया को हार से बचाया था। बापू नादकर्णी ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट कॅरियर में 500 विकेट झटके थे। 1933 में नासिक में जन्मे बापू का 2020 (86 साल की उम्र) में मुंबई में निधन हुआ था।

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