नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। टी-20 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले बहुप्रतीक्षित मुकाबले पर लगा सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है और यह मैच 15 फरवरी को कोलंबो में खेला जाएगा। बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए इसे ‘क्रिकेट की जीत’ करार दिया। इससे पहले सुरक्षा कारणों को लेकर बांग्लादेश ने भारत में खेलने से इनकार किया था, जिसके बाद पाकिस्तान ने भी टूर्नामेंट के बहिष्कार की धमकी दे दी थी। हालांकि, आईसीसी की मध्यस्थता और पाकिस्तान सरकार की मंजूरी के बाद यह विवाद सुलझ गया और अब फैंस को क्रिकेट के सबसे बड़े मुकाबले का रोमांच देखने को मिलेगा।
भारत-पाक टी-20 महामुकाबला तय, राजीव शुक्ला ने दी पुष्टि
टी-20 विश्व कप 2026 में 15 फरवरी को कोलंबो में भारत के खिलाफ मैच खेलने के लिए पाकिस्तान तैयार हो गया है, जिसकी आधिकारिक घोषणा आज किए जाने की उम्मीद है। इस बीच बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने आईसीसी के प्रयासों की सराहना करते हुए साफ किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला हाई-वोल्टेज मुकाबला अब तय कार्यक्रम के अनुसार कोलंबो में ही खेला जाएगा, जिससे क्रिकेट फैंस का इंतजार खत्म हो गया है।
IND vs PAK पर राजीव शुक्ला का बयान, बोले-‘यह क्रिकेट की जीत है’
बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने 10 फरवरी को बातचीत के दौरान भारत-पाकिस्तान मुकाबले को ‘क्रिकेट की जीत’ बताते हुए कहा कि आईसीसी ने जिस समझदारी और संतुलन के साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) से बातचीत कर समाधान निकाला, वह सराहनीय है। शुक्ला के मुताबिक आईसीसी की इस पहल से न सिर्फ टूर्नामेंट का भविष्य सुरक्षित हुआ, बल्कि करोड़ों क्रिकेट प्रशंसकों की उम्मीदों को भी नई उड़ान मिली।
पूरा विवाद कैसे सुलझा, जानिए बैकग्राउंड
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब बीसीसीआई ने आईपीएल 2026 के लिए बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को टीम से रिलीज करने का निर्देश केकेआर को दिया, जिसके बाद बांग्लादेश सरकार ने फैसला किया कि उसकी राष्ट्रीय टीम टी-20 विश्व कप के लिए भारत नहीं आएगी। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने मुकाबले भारत से बाहर कराने की मांग आईसीसी से की, लेकिन मांग खारिज होने और टीम के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद पाकिस्तान ने एकजुटता दिखाते हुए भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार की धमकी दे दी। हालांकि, आईसीसी की मध्यस्थता और संबंधित बोर्ड्स की सहमति के बाद अब यह पूरा विवाद सुलझ गया है।
पाकिस्तान सरकार की हरी झंडी, 15 फरवरी को महामुकाबला तय
सोमवार को पाकिस्तान सरकार ने भारत के खिलाफ मैदान में उतरने के लिए अपनी टीम को औपचारिक मंजूरी दे दी, जिसके बाद लंबे समय से चला आ रहा विवाद पूरी तरह सुलझ गया। पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को आईसीसी और अन्य हितधारकों के साथ हुई बातचीत की जानकारी दी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया, वहीं प्रधानमंत्री ने इस दौरान श्रीलंका के राष्ट्रपति से भी चर्चा की। पाकिस्तान के यू-टर्न के बाद बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने भरोसा जताया कि यह विश्व कप बेहद सफल रहेगा और बताया कि बांग्लादेश की चिंताओं को भी सुना गया है, जिससे उनका बोर्ड अब संतुष्ट है। अब सबकी नजरें 15 फरवरी पर टिकी हैं, जब कोलंबो में डिफेंडिंग चैंपियन भारत और चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान आमने-सामने होंगे।





