नई दिल्ली/ रफ्तार डेस्क । टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा ने बड़ा खुलासा किया है। संन्यास के बाद अब रोहित शर्मा ने कहा कि, उनके पिता गुरुनाथ शर्मा उनके टेस्ट से संन्यास लेने के फैसले से काफी निराश थे। अपने संन्यास के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से बोलते हुए रोहित शर्मा ने कहा, ”मेरे पिता काफी समय से टेस्ट क्रिकेट के प्रशंसक रहे हैं और उन्हें “नए जमाने” का क्रिकेट पसंद नहीं है।”
कहा जा रहा था कि रोहित शर्मा के नेतृत्व में ही टीम इंडिया इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलेगी, लेकिन इससे पहले ही 7 मई को रोहित ने टेस्ट से संन्यास लेकर सभी को चौंका दिया था। इससे पहले न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उनका प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा था, ये दोनों सीरीज भी भारत हार गई थी।
वही, ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेले गए आखिरी टेस्ट से रोहित बाहर हो गए थे, उनकी जगह जसप्रीत बुमराह ने कप्तानी की थी। जिसके बाद ही कयास जाने लगे थे कि वो टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान कर सकते है। हालांकि, उस समय रोहित ने कहा था कि, “वो कहीं नहीं जा रहे हैं।” और इसके बाद वो डोमेस्टिक में भी खेले थे।
मुंबई में आयोजित चेतेश्वर पुजारा की पत्नी पूजा की किताब ‘द डायरी ऑफ ए क्रिकेटर वाइफ’ के लॉन्च के मौके पर रोहित शर्मा ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होने अपने पिता के बारे में बताते हुए कहा कि, “मेरे पिता एक प्राईवेट कंपनी के काम करते थे। उन्होने हमारी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए बहुत कुछ त्याग किया। मेरे पिता हमेशा से ही टेस्ट क्रिकेट के प्रशंसक रहे हैं। यह नए दौर का क्रिकेट उन्हें पसंद नहीं है।
मुझे अच्छे से याद है कि जब मैंने एकदिवसीय क्रिकेट में 264 रन बनाए थे। उन्होंने कहा था, ठीक है, अच्छा खेला। बहुत बढ़िया। उनमें ज्यादा उत्साह नहीं था। मैदान पर उतरना और यह सब करना महत्वपूर्ण है। लेकिन अगर मैं टेस्ट क्रिकेट में 30, 40 या 50 रन भी बनाता था, तो वह इसको लेकर मेरे साथ डिटेल में बात करते थे। इस गेम के लिए उनका प्यार कुछ ऐसा ही था।”
‘जब मैंने रिटायरमेंट लिया तो वो थोड़ा निराश थे’
रोहित शर्मा ने कहा कि मैने लंबी दूरी तय करके इस मुकाम पर पहुंचा हुं। स्कूल क्रिकेट से होते हुए अंडर-19, रणजी ट्रॉफी, दिलीप ट्रॉफी, फिर इंडिया ए के बाद अब भारतीय टीम में जगह बनाया। मेरे पिता ने मेरे क्रिकेट सफर को देखा है। उन्होने कहा मेरे पिता ने मुझे रेड बॉल से बहुत खेलते हुए देखा है, वो रेड बॉल क्रिकेट को बहुत पसंद करते हैं, से रिटायरमेंट की घोषणा की तो वो थोड़ा निराश थे। लेकिन आज मै जो भी हुं वो मेरे पिता है। उनका बड़ा योगदान रहा है। उनके मदद के बिना ये संभव नहीं हो पाता।





