नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । बांग्लादेश क्रिकेट में खिलाड़ियों और बोर्ड के बीच विवाद गरमाता जा रहा है। खिलाड़ियों के हितों के लिए काम करने वाली एसोसिएशन ने बोर्ड के डायरेक्टर नजमुल इस्लाम के इस्तीफे की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक इस्तीफा नहीं दिया जाएगा, खिलाड़ी मैदान में नहीं उतरेंगे।
इस विवाद के चलते बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) का पहला मैच भी शुरू नहीं हो सका। बोर्ड ने अब डायरेक्टर नजमुल इस्लाम और अंतरिम खेल मंत्री के खिलाफ नोटिस जारी कर मामले की जांच शुरू कर दी है। कुछ दिन पहले ही नजमुल इस्लाम ने तमीम इकबाल को भारतीय एजेंट के रूप में संदर्भित किया था, जिसे लेकर विवाद और बढ़ गया। इस कदम से खिलाड़ियों और बोर्ड के बीच तनातनी और तेज हो गई है।
मुस्ताफिजुर विवाद को आगे नहीं बढ़ाना चाहते
गुरुवार को बांग्लादेश क्रिकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन (BCWBA) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान इस मामले को आगे बढ़ाना नहीं चाहते थे। एसोसिएशन के अनुसार, मुस्ताफिजुर ने स्पष्ट किया कि वह विवादित घटनाओं को बोर्ड के सामने उजागर नहीं करना चाहते। एसोसिएशन ने बताया कि खिलाड़ी का कर्तव्य है कि वह अपनी शिकायतें प्लेयर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पास रखे, लेकिन मुस्ताफिजुर इस मामले को सार्वजनिक नहीं करना चाहते थे।
क्या है विवाद?
बांग्लादेश क्रिकेट में बीसीसीआई के निर्देश पर कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुस्ताफिजुर रहमान को रिलीज किए जाने के बाद तनाव पैदा हो गया था। इस विवाद के चलते बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने अपनी टीम को टी20 वर्ल्ड कप में भारत भेजने से इनकार कर दिया और ICC से मांग की कि उनके मैच श्रीलंका में आयोजित किए जाएं। इसके अलावा, बोर्ड ने आईपीएल के प्रसारण पर भी रोक लगा दी।
इस दौरान तमीम इकबाल ने बोर्ड को सलाह दी कि किसी भी निर्णय या बयान में जल्दबाजी न की जाए, ताकि भविष्य में टीम को मुश्किलों का सामना न करना पड़े। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि ICC शेड्यूल में बदलाव नहीं करता, तो टीम को भारत जाना ही पड़ेगा या फिर टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ेगा। हालांकि, इस सलाह के बाद बीसीबी के डायरेक्टर नजमुल इस्लाम ने तमीम को ‘इंडियन एजेंट’ कहकर सार्वजनिक तौर पर उनका मजाक उड़ाया, जिससे बोर्ड और खिलाड़ियों के बीच विवाद और बढ़ गया।





