नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। राजस्थान हाई कोर्ट ने RCB के तेज गेंदबाज यश दयाल की गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग को खारिज कर दिया है। उन पर एक नाबालिग लड़की से रेप का गंभीर आरोप है। जयपुर में हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति सुदेश बंसल ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए आरोपी को किसी भी तरह की अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती। अब इस केस की अगली सुनवाई 22 अगस्त को होगी और कोर्ट ने पुलिस से केस की पूरी डायरी तलब की है।
क्या है मामला?
पुलिस के मुताबिक, यश दयाल की मुलाकात पीड़िता से एक क्रिकेट प्रोग्राम के दौरान हुई थी। पीड़िता का आरोप है कि यश ने करियर में मदद करने का वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पहली घटना करीब दो साल पहले हुई थी, जब लड़की की उम्र 17 साल थी। इसके बाद 2025 आईपीएल सीजन के दौरान जयपुर के सीतापुरा स्थित एक होटल में आरोपी ने फिर से उसके साथ दुष्कर्म किया।
कौन-कौन सी धाराएं लगीं?
यश दयाल पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की रेप से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं। साथ ही, चूंकि पीड़िता नाबालिग थी, इसलिए POSCO (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज) एक्ट भी लागू किया गया है।
यश दयाल के वकील ने बताया साजिश
यश दयाल की ओर से उनके वकील कुणाल जैमन ने कोर्ट में कहा कि यह मामला बदनाम करने की एक साजिश है। उन्होंने बताया कि इसी तरह का एक और केस गाजियाबाद में दर्ज हुआ था, जिस पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। वकील ने दावा किया कि कुछ लोग ऐसे मामलों का झूठा इस्तेमाल कर ब्लैकमेलिंग कर रहे हैं। जयपुर के सांगानेर थाना प्रभारी अनिल जैमन ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। पीड़िता की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत को गंभीरता से लिया जा रहा है। इस मामले में फिलहाल जांच जारी है और कोर्ट का कोई अंतिम फैसला नहीं आया है। आरोपी को दोषी या निर्दोष कहना अभी जल्दबाज़ी होगी।




