नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और पूर्व विश्व चैंपियन पीवी सिंधु 22 दिसंबर को उदयपुर में वेंकट दत्ता साईं से शादी करने वाली हैं। 2016 में Rio Olympics में रजत और 2020 के Tokyo Olympics में कांस्य पदक जीतने वाली सिंधु ने हाल ही में लखनऊ में सैयद मोदी इंटरनेशनल में जीत के साथ लंबे समय तक खिताब जीतने का सूखा खत्म किया। सैयद मोदी इंटरनेशनल 2024 इस साल BWF वर्ल्ड टूर का अंतिम टूर्नामेंट था। 29 वर्षीय सिंधु अब बिजनेसमैन वेंकट दत्ता साईं से शादी करेंगी।
भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु हैदरबाद के रहने वाले वेंकट दत्ता साईं के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रही हैं। वेंकट दत्ता एक कारोबारी हैं। वह Posidex Technologies नामक कंपनी के कार्यकारी निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। इस कंपनी का भारत में मुख्य रूप से डेटा मैनेजमेंट का काम है। इसमें बैंकिंग के साथ-साथ बीमा, आवास वित्त, उपभोक्ता वित्त, खुदरा और पूंजी बाजार जैसे क्षेत्र शामिल है। पॉसाइडेक्स टेक्नोलॉजीज का कारोबार बड़े स्तर पर फैला हुआ है और कंपनी फिलहाल देश के नौ सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में से सात के लिए अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा देश के नौ बड़े NBFC भी इस कंपनी जुड़े हुए हैं। पॉसाइडेक्स टेक्नोलॉजीज कई सरकारी विभागों के लिए भी डेटा मैनेजमेंट का काम करती है।
सिंधु के पिता पीवी रमन्ना ने बताया कि दोनों परिवार एक-दूसरे को जानते थे, लेकिन एक महीने पहले ही सब कुछ तय हुआ था। यह एकमात्र संभव समय था, क्योंकि जनवरी से उनका कार्यक्रम बहुत व्यस्त हो जाएगा। यही कारण है कि दोनों परिवारों ने 22 दिसंबर को विवाह समारोह आयोजित करने का फैसला किया। रिसेप्शन 24 दिसंबर को हैदराबाद में होगा। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही अपनी ट्रेनिंग शुरू कर देंगी क्योंकि अगला सत्र महत्वपूर्ण होने वाला है। सिंधु के लिए शादी एक महत्वपूर्ण व्यक्तिगत मील का पत्थर है जो उनके प्रभावशाली करियर की उपलब्धियों में बढ़ोतरी कर सकेगा। प्रशंसक और शुभचिंतक निस्संदेह बैडमिंटन स्टार के लिए इस खुशी के अवसर का जश्न मनाएंगे।
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता के विवाह से संबंधित कार्यक्रम 20 दिसंबर से शुरू होंगे। सिंधु ने लॉस एंजिल्स में 2028 ओलंपिक खेलों की तैयारी के लिए कम से कम अगले कुछ वर्षों तक वह बैडमिंटन में प्रतिस्पर्धा करने के अपने इरादे की पुष्टि की। पीवी सिंधु ने हाल ही में सैयद मोदी अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में दुनिया की 119वीं रैंकिंग की चीन की वू लुओ यू को 21-14, 21-16 से निर्णायक जीत के साथ हराया। यह सिंधु का टूर्नामेंट में तीसरा महिला एकल खिताब था। उस समय उन्होंने अपने करियर में एक नए सफल अध्याय की उम्मीद जताते हुए कहा कि इस जीत से मुझे काफी आत्मविश्वास मिला है। 29 साल की उम्र में मेरा अनुभव एक फायदा है। होशियार और रणनीतिक होना महत्वपूर्ण है और मैं निश्चित रूप से अगले कुछ वर्षों तक खेलना जारी रखूंगी।
पीवी सिंधु का करियर
सिंधु ने मलेशिया, भारत, इंडोनेशिया और थाईलैंड में होने वाले आगामी टूर्नामेंटों के लिए अपनी योजनाओं की रूपरेखा बताई। उन्होंने बताया कि हमें भाग लेने के लिए टूर्नामेंटों का सावधानीपूर्वक चयन करना होगा। यह तय करने में समझदारी से काम लेना ज़रूरी है कि कौन से इवेंट खेलने हैं और कौन से नहीं।
भारत की सबसे महान एथलीटों में से एक मानी जाने वाली सिंधु का करियर शानदार रहा है, जिसमें 2019 में स्वर्ण पदक सहित पाँच विश्व चैंपियनशिप पदक शामिल हैं। उन्होंने ओलंपिक खेलों में एक रजत और एक कांस्य पदक भी जीता है। रियो 2016 और टोक्यो 2020 में सिंधु की लगातार ओलंपिक सफलताओं ने उनकी विरासत को मजबूत किया और उन्होंने 2017 में करियर की सर्वोच्च विश्व रैंकिंग नंबर 2 हासिल की।





