नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। भारतीय पुरुष हॉकी टीम के गोलकीपर पी आर श्रीजेश के पिता रवींद्रन ने बताया कि उन्होंने एक बार अपने बेटे को हॉकी किट दिलाने के लिए अपनी गाय बेच दी थी।
गाय बेचकर पिता ने दिलाई थी हॉकी किट
उन्होंने बताया कि किट 10000 रुपये की थी और उनके पास केवल 3000 रुपये थे। लेकिन उन्होंने ज्यादा सोचा नहीं और अपनी गाय बेच दी। श्रीजेश ने गुरुवार को अपना फेयरवेल मैच खेला। भारत के हॉकी में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर दंडवत प्रणाम किया। श्रीजेश हमेशा अपने करियर में शांत बने रहे। वो कभी सेलेब्रिटी की तरह नजर नहीं आए बल्कि जमीन से जुड़कर रहे।
घर से ज्यादा टीवी पर देखा है
अपने यादगार पल को याद करते हुए श्रीजेश के पिता ने बताया कि वो शाम दूसरी शामों से अलग थी। वो दर्द, राहत और गौरव से भरी थी। पिछले 20 सालों में हमने उसे घर से ज्यादा टीवी पर देखा है।
पत्नी ही नहीं फैन भी हूं
श्रीजेश की पत्नी अनीष्या ने बताया कि उन्हें रिटायर्ड स्पोर्ट्समैन के रूप में हम कैसे देखेंगे। मैने हमेशा उन्हें एक स्पोर्ट्समैन की तरह ही देखा है। दोनों स्कूल में साथ पढ़ते थे। उनकी पत्नी ने कहा कि वो उनकी पत्नी ही नहीं फैन भी हैं। उनकी पत्नी के नाते खुश है लेकिन फैन के नाते दुखी हैं। खुशी और गम दोनों एक साथ हैं। श्रीजेश हर मैच से पहले अपने घर पर फोन करते थे। उनके घर पर उनकी मां अपने बेटे का स्वागत करने के लिए रसोई में उनके लिए उनी अप्पम बना रही थी।
बनाया गया जूनियर हॉकी टीम का कोच
श्रीजेश को जूनियर हॉकी टीम का कोच बनाया गया है। हॉकी इंडिया ने ह जानकारी सोशल मीडिया पेलैटफॉर्म इंस्टाग्राम पर दी है। साल 2006 में श्रीजेश पहली बार भारतीय हॉकी की टीम में खेले थे। साल 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित भी हुए थे।
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