नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में भारत को साउथ अफ्रीका के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विशेष रूप से स्टार स्पिनर कुलदीप यादव की टीम में अनुपस्थिति ने फैंस और विशेषज्ञों दोनों को चौंका दिया। इस बीच पाकिस्तान के बल्लेबाज अहमद शहजाद ने टीम के हेड कोच गौतम गंभीर को लेकर विवादास्पद बयान देते हुए कहा कि राजनीति में असफल होने के बाद अब टीम में भी राजनीति कर रहे हैं।
कुलदीप की बाहर होने की वजह पर उठाए सवाल
एक पाकिस्तानी टीवी कार्यक्रम में चर्चा के दौरान अहमद शहजाद ने चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि कुलदीप यादव को टीम से बाहर किए जाने के पीछे सिर्फ प्रदर्शन कारण नहीं हो सकता, बल्कि कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ कथित मतभेद भी इसकी वजह हो सकते हैं। शहजाद के अनुसार भारत-पाकिस्तान मुकाबले के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच तीखी बहस हुई थी। उनका कहना है कि इसी घटना के बाद टीम मैनेजमेंट ने कुलदीप को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं दी। हालांकि, इन दावों को लेकर भारतीय टीम या प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पाकिस्तान मुकाबले के बाद कुलदीप को नहीं मिला मौका
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए मैच में कुलदीप यादव ने तीन ओवर की गेंदबाजी में एक विकेट हासिल किया था। प्रदर्शन औसत रहने के बावजूद उन्हें इसके बाद के मुकाबलों में प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया। अहमदाबाद में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गए सुपर-8 मैच में भी उन्हें टीम में जगह नहीं मिली। उस मुकाबले में भारत को 76 रन की बड़ी हार झेलनी पड़ी। इस फैसले ने क्रिकेट जगत में बहस छेड़ दी है। कई पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े और निर्णायक टूर्नामेंट में अनुभवी स्पिनर को बाहर रखना टीम संतुलन के लिहाज से सवाल खड़े करता है।
हेड कोच गौतम गंभीर पर उठाए सवाल
अहमद शहजाद ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर पर भी निशाना साधा। उनका कहना है कि टीम का मौजूदा माहौल संतुलित नहीं दिख रहा और अंदरूनी मतभेद की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। शहजाद ने यह भी कहा कि किसी भी सफल टीम के लिए ड्रेसिंग रूम का वातावरण सकारात्मक होना बेहद जरूरी है और वहां किसी तरह की गुटबाजी या राजनीति की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि जो लोग पहले राजनीति में हाथ आजमा चुके हैं, वे अब वही रवैया टीम के भीतर ला रहे हैं।
जिम्बाब्वे के खिलाफ बदलाव की उम्मीद
सुपर-8 चरण में भारत का अगला मुकाबला अब जिम्बाब्वे से होना है, जो टीम के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकता है। सेमीफाइनल की रेस में बने रहने के लिए यह मैच ‘करो या मरो’ जैसा माना जा रहा है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि कुलदीप यादव को एक बार फिर प्लेइंग इलेवन में मौका दिया जा सकता है। पिछले कुछ मैचों में टीम संयोजन को लेकर उठे सवालों के बीच अब टीम मैनेजमेंट पर सही संतुलन चुनने का दबाव साफ नजर आ रहा है। अगर भारत को एक और हार मिलती है तो सेमीफाइनल की राह लगभग बंद हो सकती है। इसलिए सबकी निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि अगले मुकाबले में टीम में क्या बदलाव होते हैं और क्या कुलदीप वापसी कर पाते हैं या नहीं





